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Saturday, September 23, 2023
नई भाषा सीखने में लगने वाला समय
प्रोफेसर, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा
Professor, Kendriya Hindi Sansthan, Agra
(Managing Director : Ms. Ragini Kumari)
Thursday, September 14, 2023
पाइथन : एक परिचय (Python : An Introduction)
पाइथन : एक परिचय (Python : An Introduction)
पाइथन वर्तमान दौर (21वीं शताब्दी के दूसरे दशक) की सबसे
प्रसिद्ध भाषा है। प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों द्वारा इसके कई
कारण बताए जाते हैं, जैसे- यह भाषा अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं की
तुलना में अधिक सरल है; इसका उपयोग विविध प्रकार के
सॉफ्टवेयर के विकास, जैसे- web development,
software development और Scientific application आदि किसी में भी किया जा सकता जाता है। वर्तमान दौर की अनेक बड़ी कंपनियाँ, जैसे- Google, Yahoo, Quora, Pinterest और
Spotify आदि इसका व्यापक स्तर पर उपयोग कर रही हैं। इसलिए
पाइथन भाषा सीखना इन सभी जुड़ने के लिए एक अच्छा विकल्प सिद्ध हो सकता है।
Python एक ‘general purpose
programming language’ है। इसका कारण है कि इस भाषा में App
development, Website building, Machine learning, Data analysis, Web scraping और Natural language processing आदि सभी कार्य किए
जाते हैं। यह एक Object-oriented और High level
programming language है। यह एक interpreted language है। अर्थात पाइथन भाषा में लिखे गये program के कोड को
पहले compile करने की जरूरत नही पड़ती है। इसमें कंपाइलर की
जगह इंटरप्रेटर का प्रयोग होता है। पाइथन भाषा में modules और
packages का प्रयोग किया जाता है। इसका लाभ यह है कि किसी python
program को एक modular style में design
किया जा सकता है और इसके code का निर्बाध रूप
से दूसरे project में पुनः उपयोग किया जा सकता है।
पाइथन के नवीन संस्करण
· Python 3.0 – December 3, 2008
· Python 3.1 – June 27, 2009
· Python 3.2 – February 20, 2011
· Python 3.3 – September 29, 2012
· Python 3.4 – March 16, 2014
· Python 3.5 – September 13, 2015
· Python 3.6 – December 23, 2016
· Python 3.7 – June 27, 2018
· Python 3.8 – October 14, 2019
पाइथन इंस्टॉल करना
पाइथन इंस्टॉल करने के लिए गूगल सर्च इंजन में ‘install python’ सर्च करें या https://www.python.org/downloads/
वेबसाइट पर जाएँ। यहाँ आपको ‘Download the latest version
for Windows’ का विकल्प मिलेगा। इसके साथ-साथ अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम
पर भी इंस्टॉल के लिए लिंक दिए रहते हैं। आप अपने ऑपरेटिंग सिस्टम के अनुसार
डाउनलोड कर सकते हैं।
पाइथन और अनाकोंडा (Python and
Anaconda)
‘Anaconda’ Python और R प्रोग्रामिंग भाषाओं के लिए एक निःशुल्क और open-source
distribution है। इसके अंतर्गत Python interpreter के साथ-साथ machine learning और data science
के बहुत से पैकेज आते हैं। इन पैकेजों की आवश्यकता हमें प्रोग्राम
बनाने के समय पड़ती ही रहती है। यदि हम चाहें तो प्रत्येक पैकेज को अलग-अलग इंस्टॉल
कर सकते हैं, किंतु इसमें बहुत अधिक समय जाता है और
सोच-विचार भी अधिक करना पड़ता है। अतः सभी प्रकार के पैकेजों को एक ही जगह पर
अनाकोंडा distribution को इंस्टॉल करके पाया जा सकता है।
पाइथन और IDE
IDE का पूरा नाम ‘integrated
development environment’ है। यह एक software suite होता है जो किसी प्रोग्राम के विकास के लिए आवश्यक टूल्स और परिवेश उपलब्ध
कराता है। IDE के माध्यम से development-related
tools को एक single framework के अंतर्गत लाया
जाता है, जिससे प्रोग्राम का निर्माण करना और कोडिंग करना
अत्यंत सरल हो जाता है।
पाइथन भाषा में प्रोग्रामिंग के लिए अनेक IDEs का प्रयोग किया जाता है, जिनमें से 04
प्रमुख इस प्रकार हैं-
1. JUPYTER LAB
2. JUPYTER NOTEBOOK
3. SPYDER
4. PYCHARM
सामान्यतः आरंभिक प्रोग्रामर JUPYTER NOTEBOOK का प्रयोग करते हुए पाइथन में
प्रोग्रामिंग करते हैं। आगे हम इसका या गूगल कोलैब (Google COlab) का प्रयोग करते हुए प्रोग्रामिंग सीखेंगे।
प्रोफेसर, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा
Professor, Kendriya Hindi Sansthan, Agra
(Managing Director : Ms. Ragini Kumari)
पाइथन में कोड लिखना, इनपुट और आउटपुट
कोड लिखना, इनपुट और आउटपुट
किसी भी प्रोग्रामिंग भाषा में कोडिंग करने के प्रारंभिक
चरण हैं-
· चर (variable) डिक्लेयर करना और उसमें मूल्य (value)
प्रदान करना।
· इनपुट देना।
· आउटपुट लेना।
इन कार्यों के लिए एक अंतरापृष्ठ (Interface) की आवश्यकता होती है। पाइथान में प्रोग्रामिंग के लिए JUPYTER NOTEBOOK या
गूगल कोलैब (Google COlab) या कोई और IDE खोलते हैं तो बहुत ही सरल अंतरापृष्ठ दिखाई पड़ता है। सामान्यतः इसमें
कोडिंग के लिए एक पंक्ति (line) इस प्रकार दिखाई पड़ती है-
इसे cell कहते हैं। इसी में
अपने प्रोग्राम का कोड लिखा जाता है। उस कोड में ही आउटपुट के लिए कमांड भी लिखते
हैं। किसी वैल्यू का आउटपुट लेने लिए उसके साथ ‘print’ का प्रयोग इस प्रकार से किया जाता है-
print (“”)
उदाहरण के लिए आगे ‘Hi’ का आउटपुट देखने के लिए निम्नलिखित कोड करेंगे-
print ("Hi")
ab लाइन के आरंभ में दिख रहे play बटन को क्लिक करके या ‘शिफ्ट+इंटर’ दबाकर कोड को रन करेंगे। इसके बाद आउटपुट इस प्रकार दिखाई पड़ेगा-
इसे Single inverted comma में भी लिखकर रन कर सकते हैं-
जब एक आउटपुट निर्मित हो जाता है तो आगे कोड के लिए फिर वही
लाइन बन जाती है, जो इसमें दिखाई पड़ रही है। आगे का कोड इस
लाइन में किया जा सकता है।
कई लाइनों का कोड लिखने के लिए इंटर का प्रयोग करने पर इसी
में दूसरी-तीसरी (अगली) लाइनों के लिए जगह बनती जाती है। इसमें सिंगल या डबल
इंवर्टेड कोमा के बीच लिखा हुआ ‘Hi’ वैल्यू है, जिसे किसी वैरिएबल में भी स्टोर किया जा सकता है। उदाहरण के लिए x = ("My name ") और y = (“ is Dhruwa”) नाम से दो वैरिएबल्स में वैल्यू स्टोर कर सकते हैं। फिर उन दोनों को जोड़कर
एक साथ आउटपुट इस प्रकार से ले सकते हैं-
इसमें पहले दो चर ‘x’ और
‘y’ डिक्लेयर किए गए हैं और उनमें क्रमशः ("My name") और (“ is Dhruwa”) के वैल्यूज दिए गए हैं। इसके बाद
print का प्रयोग करते हुए दोनों का योग आउटपुट के रूप में
प्राप्त किया गया है।
print (…) एक फंक्शन है, जिसका प्रयोग करते हुए चरों या मूल्यों का आउटपुट प्राप्त किया जाता है।
इसका जितनी बार चाहें उतनी बार प्रयोग कर सकते हैं। उदाहरण के लिए हम तीन वैरिएबल
इस प्रकार ले सकते हैं-
name = "Dhruwa"
age = 5
weight = 15.5
उपर्युक्त तीनों का आउटपुट लेने के लिए तीन बार print (…) का प्रयोग करना होगा। अतः इन्हें इस प्रकार से प्रिंट
किया जा सकता है-
वैसे print का एक बार ही प्रयोग करके भी सबको प्रिंट किया जा सकता है।
इस प्रकार से कई लाइनों में कोड लिखकर रन किया जाता है अथवा
कई आउटपुट एक साथ लिए जाते हैं।
प्रोफेसर, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा
Professor, Kendriya Hindi Sansthan, Agra
(Managing Director : Ms. Ragini Kumari)
पाइथन में रनटाइम में इनपुट लेना
रनटाइम में इनपुट लेना
ऊपर के कोड में प्रत्येक वैरिएबल का मूल्य पहले ही कोड में
दे दिया गया है, जिसे रनटाइम में बदल नहीं सकते। किसी
वैरिएबल के मूल्य (वैल्यू) को रनटाइम में यूजर से भी लिया जा सकता है। इसके लिए input()
मेथड का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए दो string
values को जोड़ने के लिए दूसरे वैरिएबल का इनपुट यूजर से प्राप्त
करने के लिए निम्नलिखित प्रकार से कोड करते हैं-
इसमें बॉक्स में मूल्य भरना है। भरने के बाद इंटर दबाने पर इस
प्रकार से आउटपुट प्राप्त होगा-
इसमें ‘is Dhara’ इनपुट है और ‘My Name is Dhara’ आउटपुट।
string के अलावा अन्य प्रकार के डेटा का इनपुट लेने के लिए उनका
प्रकार पहले ही देना होता है, जैसे int का इनपुट इस प्रकार से ले सकते हैं-
इसमें x का input यूजर से लिया गया है, जो यहाँ ‘10’ है। इसके बाद ‘y’ की वैल्यू को इसमें जोड़कर प्रोग्राम
द्वारा आउटपुट दिया गया है।
इसमेंआउटपुट चिह्न के आगे तीन लाइनें दिखाई पड़ रही हैं, जिनमें से पहली लाइन ‘इनपुट’ वाली है, जिसके आगे मैंने ‘Mohan’ टाइप किया था। उसके नीचे की दो लाइनें आउटपुट हैं,
जो x और y के मूल्य (वैल्यूज) हैं।
प्रोफेसर, केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा
Professor, Kendriya Hindi Sansthan, Agra
(Managing Director : Ms. Ragini Kumari)
