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Thursday, September 28, 2017

नेट:भाषाविज्ञान -1

Q.1 How many morpheme Portmanteau morph contains?
A. Three  B. two  C. One  D. Empty morph

Q.2 Endocentric, Exocentric, appositional and copulative are the types of -
A. Simple word B. Complex word C. Compound word
D. Free morpheme

Q.3 The past tense from of the word 'cut' is a case of -
A. Replacive morpheme B. Suppelation
C. Zero modification  D. Affixation

Q.4 'smog' is an example of -
A. Compounding B. Acronym
C. Blending D. Back formation

Q.5 The addition of _ _ _ _ _ may change only the syntactic category of the word.
A. Inflectional affix  B. Derivational affix
C. Bound morpheme  D. None

 --- Satyendra Kumar,
      M.phil ( Language technology )

Wednesday, September 27, 2017

सामाजिक व्यवहार के रूप में भाषा


भाषा और समाज का संबंध अभिन्न है। मनुष्य के पास भाषा सीखने की क्षमता होती है, किंतु वह भाषा को तभी सीख पाता है जब उसे एक भाषायी समाज का परिवेश प्राप्त होता है। एक ओर समाज के माध्यम से ही भाषा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचती है, तो दूसरी ओर भाषा के माध्यम से समाज संगठित और संचालित होता है। यदि मनुष्य से भाषा छीन ली जाए तो उसकी सामाजिक संरचना भी ध्वस्त हो जाएगी। इसी प्रकार यदि किसी व्यक्ति को समाज के बाहर (जैसे, जंगल में) छोड़ दिया जाए, जहाँ वह दूसरे व्यक्तियों से नहीं मिल सकता तो भाषा उसके साथ ही मृत हो जाएगी।
भाषा अध्ययन के संदर्भ में मनोवादी और व्यवहारवादी विचारधाराएँ प्रचलित हैं। व्यवहारवादियों द्वारा भाषा को सामाजिक वस्तु माना गया है। उनके अनुसार भाषा समाज में होती है और मानव शिशु इसे अपने समाज से ही ग्रहण करता है।
उपर्युक्त बातों के आलोक में भाषा को एक सामाजिक व्यवहार या सामाजिक वस्तु के रूप में देखा जा सकता है। इसे निम्नलिखित बिंदुओं द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-
1. सामाजिक जीवन के आधार के रूप में भाषा
भाषा मनुष्य के सामाजिक जीवन का आधार है। इसी के कारण मनुष्य एक सामाजिक प्राणी के रूप में परिभाषित हो सका है। भाषा के अभाव में विचारों की अभिव्यक्ति तथा आदान-प्रदान संभव नहीं है। अतः भाषा नहीं होने पर हम भी अन्य प्राणियों की तरह बिखर जाएँगे।
2. सांस्कृतिक विरासत के रूप में भाषा
भाषा किसी समाज और संस्कृति की वाहक होती है। यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को प्राप्त होती है। मानव शिशु के परिवार और समाज में जो भाषा बोली जाती है उसे वह सीखता है।
3. सामाजिक पहचान के रूप में भाषा
भाषा किसी भी व्यक्ति की सामाजिक पहचान कराने में सक्षम होती है। व्यक्ति का सुर (tone), शब्द चयन (word selection) और वार्तालाप का तरीका उसके भौगोलिक क्षेत्र, धर्म और सामाजिक पृष्ठभूमि की पहचान करा देते हैं।


NLP में विसंरचन और पुनरसंरचन (Deformation and reformation in NLP)


विसंरचन (Deformation) : एक इनपुट पाठ का विश्लेषण करते हुए उसमें भाषिक इकाइयों और भाषेतर इकाइयों को अलग-अलग करना।
·       भाषिक इकाइयाँ - वर्ण, अंक, सूत्र, विशेष संकेत आदि।
·       भाषेतर इकाइयाँ- चित्र, लोगोग्राम, ग्राफ, डायग्राम आदि।
टंकित पाठ की रूपरचना, जैसे- बोल्ड, इटैलिक, अंडरलाइन और रंग प्रयोग आदि को चिह्नित करना और उन्हें अलगाते हुए मशीनी संसाधन हेतु केवल पाठ प्राप्त करना।
पुनरसंरचन (Reformation) : इनपुट पाठ की तरह आउटपुट पाठ पुनःसंरचित करना।
अनुप्रयोग : मशीनी अनुवाद (Machine Translation), लिप्यंतरण (Transliteration), पाठ सारांशीकरण (Text Summerrization) आदि क्षेत्रों में।




Tuesday, September 19, 2017

ऋग्वेद के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी

ऋग्वेद के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी

  1. यह सबसे प्राचीनतम वेद है
  2. इसमें 10 मंडल, 8 अष्‍टक, 1028 सूक्‍त तथा 10462 मंंत्र हैं
  3. इसमें सबसे अधिक सुक्‍त 250 सर्वाधिक प्रतापी देवता इंद्र को तथा 200 श्‍लाेेक अग्नि को समर्पित है
  4. इसमें कुल 33 देवी-देवताओं का उल्‍लेख मिलता है
  5. इसमें लगभग 25 नदियों का वर्णन मिलता है जिसमें सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण नदी सिन्‍धु का वर्णन कई बार हुआ है
  6. ऋग्वेद में सरस्‍वती सबसे पवित्र नदी मनी गई है
  7. इसमें गंगा एवं सरयू का एक बार तथा यमुना का दो बार उल्‍लेेख हुअा है

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर जाएँ-

http://www.learnsabkuch.in/2016/06/important-information-about-rigveda-in-Hindi.html