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Tuesday, September 29, 2026

प्रो. गिरीश नाथ झा : biodata

 प्रो. गिरीश नाथ झा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के संस्कृत एवं प्राच्यविद्या अध्ययन संस्थान में संगणकीय भाषाविज्ञान के प्रोफेसर हैं। वे जेएनयू के इंजीनियरिंग विद्यालय, भाषाविज्ञान केंद्र तथा स्पेशल सेंटर फॉर ई-लर्निंग केंद्र में भी समवर्ती संकाय के रूप में कार्यरत हैं। प्रो. झा भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग (https://cstt.education.gov.in/en) के अध्यक्ष रह चुके हैं, और उन्होंने इसके सर्च योग्य शब्दावली एप्लिकेशन (https://shabd.education.gov.in) को सफलतापूर्वक डिज़ाइन और विकसित किया है। जेएनयू में वे “संस्कृत एवं प्राच्यविद्या अध्ययन संस्थान” के संस्थापक डीन तथा उससे पूर्व “स्पेशल सेंटर फॉर संस्कृत स्टडीज” के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने जेएनयू में अंतरराष्ट्रीय सहयोग निदेशक और आयुर्वेद जीवविज्ञान में समन्वयक के पद भी कार्य किया हैं। उनके शोधक्षेत्रों में भारतीय भाषाएँ, कॉर्पस एवं मानक, संस्कृत/हिंदी भाषाविज्ञान, शब्दकोशविज्ञान, भारतीय ज्ञान परंपराएँ, मशीन अनुवाद, ई-लर्निंग, वेब/डेटाबेस तकनीकें, सॉफ्टवेयर डिज़ाइन तथा स्थानीयकरण शामिल हैं। वर्ष 2009-12 तक प्रो. झा ने अमेरिका के मैसाचुसेट्स डार्टमाउथ विश्वविद्यालय (University of Massachusetts Dartmouth) के भारतीय अध्ययन केंद्र द्वारा " मुकेश और प्रीति छत्तर प्रतिष्ठित विज्ञान के इतिहास के प्रोफेसर" (Mukesh and Priti Chatter Distinguished Professor of History of Science) के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें 2014 और 2016 में जर्मनी के वुर्जबर्ग विश्वविद्यालय में डिजिटल ह्यूमैनिटीज़ एवं इंडोलॉजी पढ़ाने हेतु डीएएडी फेलोशिप प्राप्त हुई थी। वे फ्लोरेंस विश्वविद्यालय (इटली) और योग्याकार्ता स्टेट यूनिवर्सिटी (इंडोनेशिया) में विज़िटिंग प्रोफेसर भी रह चुके हैं। उन्हें संस्कृत के लिए दत्तपीठ आस्थान विद्वान पुरस्कार तथा शारदा लिपि के पुनरुद्धार हेतु केईसीएसएस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

प्रो. झा ने जेएनयू से भाषाविज्ञान में स्नातकोत्तर, एम.फिल. तथा विद्यावारिधि (कम्प्यूटेशनल भाषाविज्ञान) की उपाधि प्राप्त की, और 1999 में अमेरिका के इलिनोइस अर्बाना-शैंपेन विश्वविद्यालय से भाषाविज्ञान ("प्राकृतिक भाषा इंटरफेस") में एक और स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। जेएनयू में आने से पूर्व वर्ष 2002 तक वे अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। प्रो. झा की स्प्रिंगर, कैंब्रिज स्कॉलर पब्लिशिंग सहित अन्य प्रकाशकों से अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, और उनके नाम 156 से अधिक शोधपत्र/लेख तथा 466 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान दर्ज हैं। उन्होंने अब तक 52 पीएचडी और 46 एम.फिल. शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है। प्रो. झा गूगल, न्यूअन्स, स्विफ्टकी, माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन, लिंग्विस्टिक डेटा कंसोर्टियम (यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया), यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स डार्टमाउथ तथा ईजी (EZ) डेटा इंटेलिजेंस जैसी संस्थाओं में परामर्श विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर चुके हैं। प्रो. झा भारतीय भाषा प्रौद्योगिकी हेतु कई प्रायोजित परियोजनाएँ पूर्ण कर चुके हैं, और उन्होंने भारतीय भाषाओं के लिए कॉर्पस एवं मानक विकसित करने हेतु 17 भारतीय विश्वविद्यालयों/संस्थानों के एक संघ का नेतृत्व किया है। उनके कार्य एवं पूर्ण जीवनवृत्त के बारे में अधिक जानकारी https://sanskrit.jnu.ac.in प्राप्त की जा सकती है।



Monday, September 28, 2026

अनिल शर्मा ‘जोशी' : biodata

 परिचय 


अनिल शर्मा ‘जोशी ‘ लेखक , विचारक और चिंतक।  

1. पूर्व उपाध्यक्ष, केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल- केंद्रीय हिंदी संस्थान ( हिंदीं की प्रमुख सरकारी संस्था)

2. वर्ष 2000-2005 ब्रिटेन में अताशे - हिंदी एवं संस्कृति ( राजनयिक ) के रूप में कार्य 

3. वर्ष 2015 - 2019 फीजी में द्वितीय सचिव ( हिंदी ) राजनयिक , चासंरी प्रमुख , निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के प्रमुख के रूप में कार्य 

4. केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो ,राजभाषा विभाग , गृह मंत्रालय में 27 वर्ष तक कार्य 

5.अध्यक्ष - वैश्विक हिंदी परिवार , वैश्विक हिंदी परिवार (75 से अधिक देशों से जुड़े विचारकों, साहित्यकारों और भाषाकर्मियों का समूह)।

6. राष्ट्रीय सह - संयोजक , भारतीय भाषा मंच

7. संयोजक - भारतीय भाषा विचार समूह - थिंक टैंक 

8. महासचिव - संकल्प फ़ाऊंडेशन, सिविल सेवा के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने वाली देश की प्रमुख सामाजिक संस्था । 

9. संयुक्त सचिव - अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद ( डायसपोरा की प्रमुख संस्था ) 

10. यूरोपीय समाज - भाषा संस्कृति पर विशेष अध्ययन 



प्रकाशित पुस्तकें-

1. प्रवासी लेखन नई जमीन, नया आसमान- आलोचनात्मक पुस्तक,विभिन्न विश्वविद्यालयों में संदर्भ ग्रंथ के रूप में प्रयुक्त । 

2. मोर्चे पर - कविता संग्रह 

3. नींद कहाँ हैं - कविता संग्रह 

4. भीड़ एक सच है - कविता संग्रह - प्रकाशनाधीन 

5. शब्द एक रास्ता है - कविता संग्रह-प्रकाशनाधीन 

6. धरती एक पुल - संपादित - ब्रिटेन के कवियों का काव्य संग्रह

7. तीसरी आँख - संपादित - डॉ कृष्ण गोपाल , प्रसिद्ध चिंतक के व्याख्यानों का संकलन 

8. भारतीय परिप्रेक्ष्य - संपादित - प्रसिद्ध बुद्धिजीवियों के व्याख्यानों का संकलन 

9. आज स्थिर है ज्वार - संपादित - डॉ सत्येन्द्र श्रीवास्तव की कविताओं का संकलन 

संपादन - 

1. रंग प्रसंग - राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की पत्रिका का अतिथि संपादन अगस्त - 2024 

2. हरिगंधा - हरियाणा साहित्य अकादमी की पत्रिका - -2013

3. प्रवासी टुडे ( द्विभाषी पत्रिका - 2005-2012) 

4. अक्षरम संगोष्ठी- साहित्यिक पत्रिका , 2..1-2013

5. भारत भवन - भारतीय उच्चायोग , लंदन की पत्रिका 

6. फीजी उच्चायोग की हिंदी पत्रिका -2016 -2019

7. अनुशीलन- केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो की गृह 

8. प्रवासी दुनिया - ( वैबसाइट) 2005 - 2013 

9. Vaishvikhindi.com ( वैबसाइट- 2024 से वर्तमान 

अन्य जानकारी 

1. सैंकड़ों पत्र पत्रिकाओं और वेबसाइट में प्रकाशन 

2. सम्मान - वातायन सम्मान , ब्रिटेन , अमेरिका , त्रिनिदाद एवं टुबैगो ,अमेरीका , फ़िजी और मारिशस में सम्मानित 

3. वर्ष 2003 , सूरीनाम ,2007 , न्यूयार्क , 2018 , मारिशस , 2023 फीजी के विश्व हिंदी सम्मेलन में प्रमुख भूमिकाओं का निर्वाह । 

पूर्व सदस्य - सलाहकार समिति , गृह मंत्रालय, कोयला मंत्रालय 

पूर्व सदस्य पुस्तक समिति - राष्ट्रीय पुस्तक न्यास

Sunday, September 27, 2026

पूरनचंद टंडन : biodata

 











प्रोफेसर संजय द्विवेदी, (जन संचार) : biodata

 प्रोफेसर संजय द्विवेदी, भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली के महानिदेशक रहे हैं। वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय,  भोपाल के प्रभारी कुलपति और कुलसचिव भी रह चुके हैं, संप्रति इसी विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष हैं। मीडिया क्षेत्र में  दैनिक भास्कर, स्वदेश, हरिभूमि जैसे समाचार पत्रों में समाचार संपादक और स्थानीय संपादक की भूमिका का निर्वहन कर चुके हैं। मीडिया एवं सामाजिक विषयों पर 32 पुस्तकों का लेखन और संपादन। विश्वविद्यालय की शोध पत्रिका 'मीडिया मीमांसा' के संपादक तथा 'मीडिया विमर्श' पत्रिका के मानद सलाहकार संपादक हैं ।     


संपर्क: 

प्रोफेसर संजय द्विवेदी, 47, शिवा रायल पार्क, फेस-1, सलैया, निकट-आकृति ग्रीन्स, 

भोपाल -462047 (मध्यप्रदेश)