‘निजवाचकता’ (Reflexivization) वह प्रक्रिया है जिसमें वाक्य का कर्ता या कर्म एक ही व्यक्ति, वस्तु अथवा सत्ता को सूचित करते हैं। दूसरे शब्दों में, जब क्रिया का प्रभाव उसी पर पड़ता है जो क्रिया करता है, तब निजवाचक रचना बनती है। हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में निजवाचकता की
व्यवस्था मिलती है, किंतु उनकी संरचना, प्रयोग और
व्याकरणिक नियमों में पर्याप्त भिन्नता दिखाई देती है।
निजवाचकता क्या है?
निजवाचकता का संबंध उन सर्वनामों से है जो वाक्य के
कर्ता की ओर पुनः संकेत करते हैं। उदाहरणार्थ—
राम ने स्वयं को देखा।
Ram saw himself.
इन दोनों वाक्यों में ‘राम’ और ‘स्वयं/ himself’ एक ही व्यक्ति को व्यक्त करते हैं।
अंग्रेज़ी में निजवाचकता
अंग्रेज़ी में निजवाचकता मुख्यतः reflexive pronouns के माध्यम से व्यक्त होती है। ये सर्वनाम ‘-self’ अथवा ‘-selves’ से निर्मित होते हैं।
§ पुरुष निजवाचक
सर्वनाम
§
I myself
§
You yourself
§
He himself
§
She herself
§
It itself
§
We ourselves
§
They themselves
उदाहरण
Ram hurt himself.
She introduced herself.
They blamed themselves.
I prepared the report myself.
इन वाक्यों में reflexive pronoun कर्ता की ओर पुनः संकेत करता है।
हिंदी में निजवाचकता
हिंदी में निजवाचकता व्यक्त करने के लिए अनेक रूप
प्रयुक्त होते हैं, जैसे—
§
अपना / अपनी / अपने
§
स्वयं
§
खुद
§
अपने आप
§
उदाहरण
राम ने अपने आप को चोट पहुँचाई।
§
सीता ने खुद को दर्पण में देखा।
§
मैंने अपना कार्य स्वयं किया।
§
बच्चों ने अपने आप को संभाला।
हिंदी में निजवाचकता की प्रणाली अंग्रेज़ी की अपेक्षा
अधिक लचीली और विविधतापूर्ण है।
‘अपना’ का विशेष महत्व
हिंदी में ‘अपना’ एक विशिष्ट निजवाचक अधिकारसूचक
सर्वनाम है। यह उस वस्तु की ओर संकेत करता है जो कर्ता से संबंधित हो।
उदाहरण
राम ने अपनी पुस्तक खो दी।
सीता अपने घर गई।
यहाँ ‘अपनी’ और ‘अपने’ कर्ता के साथ संबद्धता दर्शाते
हैं।
अंग्रेज़ी में इसका सीधा समतुल्य रूप नहीं है। वहाँ ‘his own’, ‘her own’ आदि का प्रयोग किया जाता है।
Ram lost his own book.
निजवाचक और बलसूचक प्रयोग
दोनों भाषाओं में निजवाचक रूप केवल निजवाचक अर्थ ही
नहीं, बल्कि बलसूचक (emphatic) अर्थ भी व्यक्त
करते हैं।
अंग्रेज़ी
The principal himself came.
I myself completed the work.
हिंदी
प्रधानाचार्य स्वयं आए।
मैंने खुद यह कार्य किया।
इन उदाहरणों में reflexive forms बल या विशेष
जोर प्रकट कर रहे हैं।
हिंदी और अंग्रेज़ी का तुलनात्मक अध्ययन
1. संरचनात्मक अंतर
अंग्रेज़ी में निजवाचक सर्वनामों का एक निश्चित रूप
है, जबकि हिंदी में अनेक विकल्प उपलब्ध हैं।
अंग्रेज़ी हिंदी
himself स्वयं / खुद / अपने आप
themselves अपने आप / स्वयं
2. लिंग और वचन का प्रभाव
अंग्रेज़ी के reflexive pronouns सीमित रूप से परिवर्तनशील हैं, जबकि हिंदी में ‘अपना’ लिंग और वचन के अनुसार बदलता
है।
हिंदी लिंग/वचन
अपना पुल्लिंग
एकवचन
अपनी स्त्रीलिंग
अपने बहुवचन
उदाहरण—
राम अपनी किताब लाया।
लड़के अपने घर गए।
3. वाक्य में स्थिति
अंग्रेज़ी में reflexive pronoun सामान्यतः क्रिया के बाद आता है—
She blamed herself.
हिंदी में निजवाचक पदों की स्थिति अपेक्षाकृत
स्वतंत्र होती है—
उसने खुद को दोष दिया।
उसने अपने आप को दोष दिया।
4. प्रयोग की लचीलापन
हिंदी में ‘स्वयं’, ‘खुद’, ‘अपने आप’ आदि कई रूप उपलब्ध हैं, जबकि अंग्रेज़ी में सीमित reflexive pronouns हैं।
