ऐतिहासिक भाषाविज्ञान (Historical Linguistics) और तुलनात्मक भाषाविज्ञान (Comparative Linguistics) भाषाविज्ञान की ऐसी परस्पर संबद्ध शाखाएँ हैं, जिनका उद्देश्य एक है।
दोनों का संबंध भाषा के विकास, परिवर्तन तथा भाषाओं के पारस्परिक संबंधों के अध्ययन से है, किंतु इनकी प्रकृति और
कार्यक्षेत्र में अंतर है। ऐतिहासिक भाषाविज्ञान भाषा में समय के साथ होने वाले
परिवर्तनों का अध्ययन करता है, तो तुलनात्मक भाषाविज्ञान इस कार्य हेतु दो या अधिक भाषाओं की तुलना करने के उपकरण
और प्रविधियाँ प्रदान करता है। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि दोनों विषय एक ही व्यापक
विषय के अंग हैं, जिसे हम ‘ऐतिहासिक एवं तुलनात्मक भाषाविज्ञान’ कह सकते हैं।
फिर भी यदि हम दोनों को अलग-अलग ही देखना चाहें तो इन्हें निम्नलिखित प्रकार से
समझ सकते हैं-
ऐतिहासिक भाषाविज्ञान (Historical Linguistics)
ऐतिहासिक भाषाविज्ञान भाषा के विकास और परिवर्तन का अध्ययन करता है। इसमें
ध्वनि, रूप, शब्दार्थ और वाक्य-संरचना में समय के साथ होने वाले परिवर्तनों का विश्लेषण
किया जाता है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि कोई भाषा अपने प्राचीन रूप से आधुनिक
रूप तक कैसे विकसित हुई।
उदाहरण के लिए, संस्कृत के शब्द "सप्त" का हिंदी में "सात" और अंग्रेज़ी में "seven" रूप में विकसित होना
ऐतिहासिक भाषाविज्ञान के अध्ययन का विषय है।
अध्ययन के प्रमुख क्षेत्र
·
ध्वनि-परिवर्तन (Sound Change)
·
शब्दार्थ-परिवर्तन (Semantic Change)
·
व्याकरणिक परिवर्तन (Grammatical Change)
·
भाषा-विकास और
भाषा-विभाजन
·
भाषा-संपर्क (Language Contact)
तुलनात्मक भाषाविज्ञान (Comparative Linguistics)
तुलनात्मक भाषाविज्ञान ऐतिहासिक भाषाविज्ञान की एक विशिष्ट शाखा है। इसमें दो
या अधिक भाषाओं की तुलना करके उनके पारिवारिक संबंधों तथा आदिभाषा (Proto-language) का पुनर्निर्माण किया जाता है।
उदाहरण:
|
संस्कृत |
लैटिन |
अंग्रेज़ी |
|
पितृ (pitṛ) |
pater |
father |
|
मातृ (mātṛ) |
mater |
mother |
|
त्रि (tri) |
tres |
three |
इन शब्दों की समानता से विद्वानों ने निष्कर्ष निकाला कि ये भाषाएँ एक ही
भाषा-परिवार, अर्थात् Indo-European Language Family, से संबंधित हैं।
अध्ययन के प्रमुख उद्देश्य
·
भाषाओं के पारिवारिक
संबंधों का निर्धारण
·
आदिभाषा (Proto-language) का पुनर्निर्माण
·
नियमित ध्वनि-समानताओं
की खोज
·
भाषा-परिवारों का
वर्गीकरण
इनमें हम देख सकते हैं कि दोनों शाखाओं का उद्देश्य एक ही है। ऐतिहासिक
भाषाविज्ञान (Historical
Linguistics) भाषा के पुराने रूपों की खोज करता है
तो तुलनात्मक भाषाविज्ञान (Comparative Linguistics) उसे सैद्धांतिक आधार प्रदान करता है।
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