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Tuesday, June 16, 2026

ध्वनि-परिवर्तन और ध्वन्यात्मक प्रक्रियाएँ (Sound Change and Phonological Processes)

 


ध्वनि-परिवर्तन (Sound Change) का अध्ययन ऐतिहासिक भाषाविज्ञान का प्रमुख विवेच्य विषय है। यह उन परिवर्तनों का अध्ययन करता है जो समय के साथ किसी भाषा की ध्वनियों (sounds) में घटित होते हैं। ध्वनि-परिवर्तन नियमित, क्रमिक तथा नियमबद्ध होते हैं और भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब किसी भाषा की ध्वनि-व्यवस्था में परिवर्तन होता है, तो उसका प्रभाव शब्दों के उच्चारण, रूप और कभी-कभी अर्थ पर भी पड़ता है।

ध्वनि-परिवर्तन की परिभाषा

Lyle Campbell के अनुसार,

"Sound change is a regular process by which the pronunciation of sounds in a language changes over time."

अर्थात् ध्वनि-परिवर्तन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी भाषा की ध्वनियों का उच्चारण समय के साथ बदल जाता है।

ध्वन्यात्मक प्रक्रियाएँ (Phonological Processes)

ध्वन्यात्मक प्रक्रियाएँ वे नियम या परिवर्तन हैं जिनके माध्यम से ध्वनियाँ अपने आस-पास की ध्वनियों के प्रभाव से बदलती हैं। प्रमुख ध्वन्यात्मक प्रक्रियाएँ निम्नलिखित हैं—

1. समीकरण (Assimilation)

समीकरण (Assimilation) ध्वनि-परिवर्तन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें कोई ध्वनि अपने निकटवर्ती ध्वनि के प्रभाव से उसके समान या उससे अधिक मिलती-जुलती हो जाती है। यह परिवर्तन उच्चारण को सरल और सहज बनाने के लिए होता है। समीकरण विश्व की लगभग सभी भाषाओं में पाया जाने वाला सामान्य ध्वन्यात्मक परिवर्तन है।

उदाहरण

·       Latin in- + possibleimpossible

·       n ध्वनि p के प्रभाव से m में बदल गई।

हिंदी उदाहरण:

·       सम् + कार   => संस्कार

·       सम् + बन्ध => सम्बन्ध

·       तत् + जन => तज्जन

2. विसमीकरण (Dissimilation)

जब दो समान या मिलती-जुलती ध्वनियाँ एक-दूसरे से भिन्न हो जाती हैं, तो इसे विसमीकरण कहते हैं।

उदाहरण

·       Latin peregrinus → Spanish pelegrino

यहाँ एक r ध्वनि बदलकर l हो गई।

 

3. लोप (Deletion)

लोप (Deletion) एक महत्वपूर्ण ध्वन्यात्मक तथा ऐतिहासिक भाषावैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें किसी शब्द या भाषिक रूप की एक या अधिक ध्वनियाँ समय के साथ या विशेष भाषिक संदर्भों में लुप्त (omit) हो जाती हैं। इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप शब्द का उच्चारण सरल, संक्षिप्त या परिवर्तित हो जाता है।

उदाहरण

·       Old English hlaf → Modern English loaf

·       h ध्वनि का लोप।

·       knight /knixt/ → /naɪt/

·        k और gh ध्वनियों का लोप।

4. आगम (Epenthesis)

उच्चारण को सरल बनाने के लिए किसी अतिरिक्त ध्वनि का जुड़ जाना आगम कहलाता है।

उदाहरण

·       Latin humilis → English humble

हिंदी उदाहरण:

·       इस्कूल (school का बोलचाल रूप)

5. स्थानांतरण (Metathesis)

जब शब्द में दो ध्वनियों का स्थान बदल जाता है, तो इसे स्थानांतरण कहते हैं।

उदाहरण

·       Old English brid → Modern English bird

6. स्वर-परिवर्तन (Vowel Change)

समय के साथ स्वरों के उच्चारण में परिवर्तन होना।

उदाहरण

Great Vowel Shift

15वीं–17वीं शताब्दी के बीच अंग्रेज़ी के दीर्घ स्वरों में व्यापक परिवर्तन हुआ।

·       time का उच्चारण /tiːmə/ से /taɪm/

·       house का उच्चारण /huːs/ से /haʊs/

7. नासिकीकरण (Nasalization)

किसी स्वर का नासिक ध्वनि के प्रभाव से कालांतर में नासिक हो जाना नासिकीकरण है।

उदाहरण

·       French: bon [bɔ̃]

8. ध्वनि-संधि (Sound Coalescence)

दो ध्वनियों के मिलकर एक नई ध्वनि का निर्माण करना।

उदाहरण

·       did + you → /dɪdʒu/

·       would + you → /wʊdʒu/

संदर्भ ग्रंथ :

§  Lyle Campbell (2013). Historical Linguistics: An Introduction (3rd ed.). Edinburgh University Press.

§  Hans Henrich Hock & Brian D. Joseph (2009). Language History, Language Change, and Language Relationship: An Introduction to Historical and Comparative Linguistics (2nd ed.). Mouton de Gruyter.

§  R. L. Trask (1996). Historical Linguistics. Arnold Publishers.

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