· ASI में इंसानों के दिमाग
से भी ज्यादा क्षमताएं होंगी, जिसके बूते मशीनें लगभग हर
लिहाज से इंसानों से ज्यादा ताकतवर, काबिल बन सकेंगी।
· इस स्तर की इंटेलिजेंस फिलहाल
साइंस फिक्शन में ही है। सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘रोबोट’ में ‘चिट्टी’ की तरह तब
मशीनें बहुत पावरफुल होंगी।
· इस स्तर पर मशीनों में भी भावनाएं
होंगी, वह
प्यार और दर्द महसूस कर सकेंगी। इंसानों की तरह उनके भीतर भी संवेदनाएं होंगी,
सोचने की क्षमता होगी।
· ASI के बूते मशीनों में खुद
के विश्वास और इच्छाएं भी हो सकती हैं। वह गणित से लेकर विज्ञान, आर्ट्स, खेल तक हर क्षेत्र में इंसानों से बेहतर
होंगी।
· मशीनों की ऐसी क्षमताएं हासिल कर
लेने के बाद उन्हें कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण उन्हें इंसानों के
अस्तित्व पर खतरा माना जा रहा है।
No comments:
Post a Comment