गहन अधिगम का भाषा प्रौद्योगिकी के विकास
में विशेष महत्त्व है। पारंपरिक भाषा प्रणालियों में भाषिक नियमों, शब्दकोशों और हाथ से
तैयार की गई विशेषताओं का अधिक उपयोग होता था। गहन अधिगम आधारित प्रणालियाँ बड़े
पाठ और वाणी-संग्रह से भाषिक प्रतिरूप सीख सकती हैं।
इसके प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
1. प्राकृतिक भाषा समझ (NLU): पाठ के संदर्भ,
आशय और भाव से संबंधित संकेतों का विश्लेषण।
2. मशीन अनुवाद (Machine Translation): एक
भाषा के पाठ को दूसरी भाषा में रूपांतरित करना।
3. वाक् से पाठ (Speech-to-Text): बोली गई
भाषा को लिखित पाठ में बदलना।
4. पाठ से वाक् (Text-to-Speech): लिखित पाठ
को कृत्रिम आवाज़ में प्रस्तुत करना।
5. पाठ-सारांश (Text Summarization): लंबे
लेख या दस्तावेज़ का संक्षिप्त रूप तैयार करना।
6. नामित इकाई पहचान (Named Entity Recognition): व्यक्ति, स्थान, संस्था और
तिथि जैसी इकाइयों की पहचान।
7. भाव विश्लेषण (Sentiment Analysis): पाठ
में व्यक्त सकारात्मक, नकारात्मक या अन्य भाव-संबंधी संकेतों
का वर्गीकरण।
8.
बड़े भाषा मॉडल (LLMs): प्रश्नोत्तर, लेखन सहायता, संवाद,
अनुवाद और पाठ-आधारित तर्क जैसे कार्य।
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