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ज्ञान का औपचारीकरण: सामान्य मानवीय अनुभव को औपचारिक नियमों में बदलना
कठिन है।
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सामान्य ज्ञान का निरूपण: रोजमर्रा की ऐसी जानकारियाँ, जिन्हें मनुष्य सहज रूप से
समझता है, मशीन में व्यक्त करना चुनौतीपूर्ण है।
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अनिश्चितता एवं अपूर्णता: सभी तथ्यों की जानकारी हमेशा उपलब्ध नहीं
होती।
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संदर्भ एवं सांस्कृतिक ज्ञान: भाषा के अर्थ पर सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भों
का प्रभाव पड़ता है।
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ज्ञान का अद्यतन: समय के साथ बदलते तथ्यों और संबंधों को सही बनाए रखना
आवश्यक है।
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विरोधाभासी ज्ञान: अलग-अलग स्रोतों में परस्पर विरोधी दावों का समाधान
करना पड़ता है।
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व्याख्येयता: यह स्पष्ट करना आवश्यक हो सकता है कि प्रणाली किसी निष्कर्ष
तक कैसे पहुँची।
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ज्ञान का विस्तार: विशाल और बहुविषयी ज्ञान को प्रभावी ढंग से संग्रहित
तथा संसाधित करना कठिन है।
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