1. सांख्यिकी एवं प्रायिकता
(Statistics and Probability)
सांख्यिकी
डेटा विज्ञान का आधारभूत क्षेत्र है। इसके माध्यम से डेटा का सारांश तैयार किया जाता
है, विभिन्न समूहों
के बीच अंतर का अध्ययन किया जाता है और निष्कर्षों की अनिश्चितता का आकलन किया जाता
है। माध्य, माध्यिका, मानक विचलन,
सहसंबंध, प्रतिगमन और परिकल्पना परीक्षण इसकी प्रमुख
विधियाँ हैं। उदाहरण के लिए, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों
के आधार पर औसत प्रदर्शन और विभिन्न विषयों के अंकों के बीच संबंध का अध्ययन करना।
2. डेटा इंजीनियरिंग (Data
Engineering)
डेटा इंजीनियरिंग
में डेटा को एकत्रित करने, संग्रहित करने, परिवर्तित करने और विश्लेषण के लिए उपलब्ध
कराने वाली प्रणालियाँ विकसित की जाती हैं। इसमें डेटाबेस, डेटा
पाइपलाइन, डेटा वेयरहाउस और बड़े पैमाने पर डेटा प्रसंस्करण की
तकनीकें शामिल होती हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि डेटा विश्वसनीय,
सुलभ और विश्लेषण के लिए उपयुक्त हो।
3. डेटा विश्लेषण (Data
Analytics)
डेटा विश्लेषण
में उपलब्ध आँकड़ों की जाँच करके उपयोगी निष्कर्ष प्राप्त किए जाते हैं। इसे सामान्यतः
चार दृष्टियों से समझा जाता है:
·
वर्णनात्मक विश्लेषण (Descriptive Analytics): क्या हुआ?
·
निदानात्मक विश्लेषण (Diagnostic Analytics): ऐसा क्यों हुआ?
·
पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analytics): आगे क्या हो सकता है?
·
निर्देशात्मक विश्लेषण (Prescriptive Analytics): उपलब्ध विकल्पों में क्या
करना उचित होगा?
उदाहरण
के लिए, किसी संस्थान
में विद्यार्थियों के परिणामों में गिरावट का पता लगाना, उसके
संभावित कारणों का अध्ययन करना और सुधार के उपाय सुझाना डेटा विश्लेषण के अंतर्गत आता
है।
4. मशीन लर्निंग (Machine
Learning)
मशीन लर्निंग
में एल्गोरिदम को डेटा से प्रतिरूप सीखने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इसका उपयोग
वर्गीकरण, पूर्वानुमान,
समूह निर्माण और अनुशंसा जैसे कार्यों में होता है। उदाहरण के लिए,
पिछले वर्षों के मौसम और उपज के आँकड़ों के आधार पर कृषि उत्पादन का
अनुमान लगाना। मशीन लर्निंग डेटा विज्ञान का एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है, लेकिन डेटा विज्ञान का प्रत्येक कार्य मशीन लर्निंग पर आधारित नहीं होता।
5. डेटा दृश्यांकन (Data
Visualization)
डेटा दृश्यांकन
में आँकड़ों और विश्लेषण के परिणामों को ग्राफ, चार्ट, मानचित्र तथा डैशबोर्ड
के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। इससे जटिल जानकारी को समझना और विभिन्न प्रवृत्तियों
की तुलना करना आसान होता है। उदाहरण के लिए, पिछले दस वर्षों
में हिंदी प्रकाशनों की संख्या में हुए बदलाव को रेखा-चित्र द्वारा प्रदर्शित करना।
6. बिग डेटा (Big Data)
बिग डेटा
उन डेटा-संग्रहों और प्रसंस्करण संबंधी परिस्थितियों से जुड़ा क्षेत्र है, जिनमें डेटा की मात्रा,
गति, विविधता या जटिलता पारंपरिक साधनों के लिए
चुनौती बन सकती है। इसमें वितरित संग्रहण, समानांतर प्रसंस्करण
और बड़े पैमाने पर डेटा विश्लेषण की तकनीकें उपयोग की जाती हैं। सोशल मीडिया,
डिजिटल लेन-देन, सेंसर नेटवर्क और बड़े भाषिक कॉर्पस
इसके उदाहरण हैं।
7. डेटा माइनिंग (Data
Mining)
डेटा माइनिंग
में बड़े डेटा-संग्रहों से उपयोगी प्रतिरूप, संबंध और संरचनाएँ खोजी जाती हैं। इसमें समूहकरण,
वर्गीकरण, सहसंबंध नियम और असामान्यता पहचान जैसी
विधियाँ प्रयुक्त होती हैं। उदाहरण के लिए, किसी डिजिटल पुस्तकालय
में यह पता लगाना कि कौन-से शब्द, विषय या लेख अक्सर एक साथ दिखाई
देते हैं।
8. डेटाबेस प्रबंधन (Database
Management)
डेटाबेस
प्रबंधन में डेटा को व्यवस्थित रूप से संग्रहित, खोजने, अद्यतन करने और सुरक्षित
रखने की तकनीकें शामिल होती हैं। रिलेशनल डेटाबेस, SQL, NoSQL और डेटा मॉडलिंग इसके प्रमुख घटक हैं। सुव्यवस्थित डेटाबेस डेटा विज्ञान की
परियोजनाओं के लिए विश्वसनीय आधार उपलब्ध कराते हैं।
9. प्राकृतिक भाषा संसाधन (Natural Language Processing — NLP)
NLP और डेटा विज्ञान का गहरा संबंध है, विशेषकर तब जब डेटा
का स्वरूप मानव भाषा हो। इसमें पाठ वर्गीकरण, शब्द-आवृत्ति विश्लेषण,
भावना विश्लेषण, सूचना निष्कर्षण, मशीन अनुवाद और पाठ-सारांश जैसे कार्य शामिल हैं। उदाहरण के लिए, हिंदी समाचारों के विशाल संग्रह का विश्लेषण करके विभिन्न विषयों की आवृत्ति
और समय के साथ उनके परिवर्तन का अध्ययन करना।
10. डेटा शासन एवं नैतिकता
(Data Governance and Ethics)
इस क्षेत्र
में डेटा की गुणवत्ता, गोपनीयता, सुरक्षा, उपयोग की अनुमति,
अभिगम नियंत्रण और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाता है। डेटा विज्ञान
में यह आवश्यक है कि विश्लेषण वैध और उपयुक्त डेटा पर आधारित हो तथा परिणामों की व्याख्या
में पक्षपात और सीमाओं को ध्यान में रखा जाए।
No comments:
Post a Comment