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Wednesday, July 15, 2026

प्रो.नन्द किशोर पाण्डेय

 प्रो.नन्द किशोर पाण्डेय हिंदी साहित्य के बहुचर्चित और प्रतिष्ठित विद्वान हैं।आपने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से एम .ए.(हिंदी)और पीएच.डी.की उपाधि प्राप्त की है। आपने अपने अकादमिक कैरियर की शुरुआत लेक्चरर राजकीय महाविद्यालय झालावाड़ से प्रारंभ किया।आप राजकीय महाविद्यालय,कोटा और राजकीय महाविद्यालय सवाई माधोपुर में प्राध्यापक थे।आप वर्ष 2000 में रीडर होकर राजीव गांधी विश्वविद्यालय, ईटानगर, अरूणाचल प्रदेश चले गए। वहां दो बार हिंदी विभागाध्यक्ष रहे।आप2008 में राजीव गांधी विश्वविद्यालय ईटानगर में प्रोफेसर हो गए।2009 में राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में प्रोफेसर होकर आए।इस विश्वविद्यालय में दो बार हिंदी विभागाध्यक्ष बने।दो बार कला संकाय के डीन रहे।आप राजस्थान विश्वविद्यालय में दो बार शोध निदेशक रहे। आप दो बार मानविकी पीठ के निदेशक रहे।हिंदी विभाग के साथ -साथ पत्रकारिता और जनसंचार विभाग के भी विभागाध्यक्ष थे।

         आप अगस्त 2015 से अगस्त 2020 तक केंद्रीय हिंदी संस्थान,आगरा,के निदेशक थे।(शिक्षा मंत्रालय,भारत सरकार)। आप वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग,शिक्षा मंत्रालय भारत भारत सरकार के अध्यक्ष रह चुके हैं।

       आपकी प्रकाशित पुस्तकें हैं -1,संत साहित्य की समझ2,संत रज्जब 3,दादूपंथ के शिखर संत 4, आधुनिक भारतीय कविता 5,भारतबोध और भक्ति कविता 6, आधुनिक हिंदी और संस्कृति बोध इत्यादि।आपने प्रधान संपादक के रूप में अरुण प्रभा, हिंदी अनुशीलन, हिंदी गवेषणा, समन्वय पश्चिम, समन्वय दक्षिण, समन्वय पूर्वोत्तर,भावक, प्रवासी जगत,शैक्षिक उन्मेष, संवाद पथ आदि पत्रिकाओं का संपादन किया है। अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ की पत्रिका शैक्षिक मंथन के पिछले 12 वर्षों से संपादक हैं। जयपुर के शैक्षिक मंथन संस्था के अध्यक्ष हैं।

  आप हिंदी शिक्षकों की संस्था भारतीय हिंदी परिषद, शैक्षिक मंथन के 12 वर्षों से सह संपादक हैं।

प्रो. पाण्डेय वर्तमान में हरिदेव जोशी पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर के कुल गुरु हैं।

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