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Thursday, November 21, 2024

सर्वनाम (Pronoun)

 सर्वनाम (Pronoun)

सर्वनाम वह शब्द होता है जो संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है। इससे वाक्य को संक्षिप्त और स्पष्ट बनाया जाता है। साथ ही संज्ञा की बार-बार पुनरावृत्ति नहीं होती।

सर्वनाम की परिभाषा

जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किया जाए, उसे सर्वनाम कहते हैं।
उदाहरण:

  • राम पढ़ाई कर रहा है। वह मेहनती लड़का है।
    (यहाँ वह सर्वनाम है, जो राम के स्थान पर प्रयोग हुआ है।)
  • यह मेरी किताब है।

सर्वनाम के प्रकार

सर्वनाम के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-

1. पुरुषवाचक सर्वनाम

जो व्यक्ति, वस्तु या प्राणी का बोध कराए।
यह तीन प्रकार के होते हैं:

  • प्रथम पुरुष (बोलने वाला): मैं, हम।
  • मध्यम पुरुष (सामने वाला): तुम, आप।
  • उत्तम पुरुष (जिसकी बात हो रही हो): वह, वे।
    उदाहरण:
    • मैं स्कूल जा रहा हूँ।
    • तुम अच्छे हो।
    • वह बाजार गया।

2. निजवाचक सर्वनाम

जो किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं के लिए प्रयोग हो।
उदाहरण:

  • मैंने स्वयं यह काम किया।
  • वह खुद चला गया।

3. संबंधवाचक सर्वनाम

जो दो वाक्यों को जोड़ने के लिए प्रयोग हो और किसी संबंध का बोध कराए।
उदाहरण:

  • यह वह लड़का है जो हमेशा समय पर आता है।
  • मुझे वह किताब चाहिए जो तुमने खरीदी।

4. प्रश्नवाचक सर्वनाम

जो किसी प्रश्न को व्यक्त करने के लिए प्रयोग हो।
उदाहरण:

  • कौन आ रहा है?
  • किसने यह काम किया?
  • यह किसकी किताब है?

5. अनिश्चितवाचक सर्वनाम

जो किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न कराए।
उदाहरण:

  • कोई आया था।
  • कुछ लोग बहुत अच्छे होते हैं।
  • किसी ने दरवाजा खटखटाया।

6. निश्चयवाचक सर्वनाम

जो किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराए।
उदाहरण:

  • यह मेरा घर है।
  • वह तुम्हारी पुस्तक है।
  • ये बच्चे खेल रहे हैं।

7. परस्परवाचक सर्वनाम

जो परस्पर संबंध या क्रिया को व्यक्त करे।
उदाहरण:

  • वे एक-दूसरे से बात कर रहे हैं।
  • हमने आपस में निर्णय लिया।

क्रिया (Verb)

क्रिया (Verb)

क्रिया वह शब्द है जो किसी कार्य, घटना या अवस्था को व्यक्त करता है। क्रिया वाक्य का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, क्योंकि यह वाक्य में कार्य या अवस्था को स्पष्ट करती है। इसे वाक्य का केंद्र कहा गया है। वाक्य में क्रिया से ही से ही उसके स्वरूप के अनुसार शेष घटक या पदबंध जुड़ते हैं। उदाहरण के लिए यदि सकर्मक क्रियाहोगी तो कर्म जुड़ेगा अन्यथा नहीं जुड़ेगा।

क्रिया की परिभाषा

जो शब्द किसी कार्य के होने, करने या होने की स्थिति को व्यक्त करे, उसे क्रिया कहते हैं।
उदाहरण:

  • राम दौड़ रहा है। (दौड़ना = कार्य को प्रकट कर रहा है।)
  • सूरज उगता है। (उगना = घटना को प्रकट कर रहा है।)
  • वह चुप है। (है = अवस्था को प्रकट कर रहा है।)

क्रिया के प्रकार

क्रिया को उसके अर्थ और कार्य के आधार पर कई प्रकारों में विभाजित किया जाता है। उसके साथ कर्म प्रयुक्त होने या न होने के आधार पर निम्नलिखित तीन प्रकार किए जा सकते हैं:

1. अकर्मक क्रिया

जो क्रिया अपने आप में ही पूर्ण होती है और इसे किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण:

  • सूरज उगता है।
  • बच्चा रोता है।
  • पक्षी उड़ रहे हैं।

2. सकर्मक क्रिया

जो क्रिया अपने अर्थ को पूरा करने के लिए कर्म (उद्देश्य या वस्तु) की आवश्यकता रखती है।
उदाहरण:

  • उसने खाना खाया।
  • राम ने गेंद फेंकी।
  • बच्चों ने कविता पढ़ी।

3. द्विकर्मक क्रिया

जिस क्रिया को मुख्य कर्म और गौण कर्म दोनों की आवश्यकता पड़ती है, द्विकर्मक क्रिया कहलाती है।
उदाहरण:

  • वह मोहन को किताब देता है।

.......

प्रयोग के आधार पर क्रिया के प्रकार

1. मुख्य क्रिया (Main Verb)

जो वाक्य में मुख्य कार्य का बोध कराए।
उदाहरण:

  • वह पढ़ता है। (पढ़ना = मुख्य क्रिया।)

2. सहायक क्रिया (Helping Verb)

जो मुख्य क्रिया की सहायता करती है और काल, व्यक्ति या वचन का बोध कराती है।
उदाहरण:

  • वह पढ़ रहा है
  • हम स्कूल जाएंगे

..........................................

और पढ़ें : 

सहायक क्रिया (Auxiliary / Helping Verb)



सहायक क्रिया (Auxiliary / Helping Verb)

सहायक क्रिया (Auxiliary / Helping Verb) 

क्रिया पदबंध का वह भाग मुख्य क्रिया की सहायता करके वाक्य को पूर्ण बनाती है, सहायक क्रिया कहलाती है। यह मुख्य रूप से व्याकरणिक कोटियों का बोध कराती है ,जैसे- लिंग (Gender), वचन (Number), पुरुष (Person), काल (Tense)  या पक्ष (Aspect) आदि।

वाक्य में सहायक क्रिया की स्थिति को इस प्रकार से दर्शा सकते हैं-

वाक्य = संज्ञा पदबंध + संज्ञा पदबंध (n...) + क्रिया पदबंध  

क्रिया पदबंध : मुख्य क्रिया + सहायक क्रिया। 

उदाहरण : 


नोट :

(1) क्रिया पदबंध में हमेशा मुख्य क्रिया के साथ सहायक क्रिया का आना आवश्यक नहीं है। अकेले मुख्य क्रिया पूरे क्रिया पदबंध का कार्य कर सकती है, जैसे-

लड़का क्रिकेट खेलेगा।

(2) अकेले सहायक क्रिया भी पूरे क्रिया पदबंध का कार्य कर सकती है। ऐसे में उसे कोप्यूला क्रिया कहते हैं, जैसे-

वह लड़का है।

सहायक क्रिया की परिभाषा

जो क्रिया वाक्य में मुख्य क्रिया की सहायता करती है, सहायक क्रिया कहलाती है। इसका प्रयोग लिंग (Gender), वचन (Number), पुरुष (Person), काल (Tense)  या पक्ष (Aspect) आदि का बोध कराने के लिए होता है।

उदाहरण:

  • लड़का           पढ़                रहा है
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : पुल्लिंग, एकवचन, वर्तमान काल, निरंतर पक्ष
  • लड़के            पढ़                रहे हैं
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : पुल्लिंग, बहुवचन, वर्तमान काल, निरंतर पक्ष
  • लड़की           पढ़                रही है
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : स्त्रीलिंग, एकवचन, वर्तमान काल, निरंतर पक्ष
  • लड़कियाँ                  पढ़      रही हैं
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : स्त्रीलिंग, बहुवचन, वर्तमान काल, निरंतर पक्ष
  • लड़का           पढ़                रहा था
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : पुल्लिंग, एकवचन, भूतकाल, निरंतर पक्ष
  • लड़के            पढ़ते              थे
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : पुल्लिंग, बहुवचन, भूतकाल, सामान्य पक्ष
  • लड़के            पढ़                चुके थे
      • मुख्य क्रिया       सहायक क्रिया : पुल्लिंग, बहुवचन, भूतकाल, पूर्ण पक्ष

 

 

 

सहायक क्रिया के उपयोग

सहायक क्रिया मुख्य क्रिया के साथ मिलकर विभिन्न व्याकरणिक उद्देश्यों को पूरा करती है:

1.    काल का बोध कराने के लिए

o   वह खाना खा रहा है। (वर्तमान काल)

o   वह स्कूल गया था। (भूतकाल)

o   वह बाजार जाएगा। (भविष्यकाल)

2.    वचन और लिंग का बोध कराने के लिए

o   वह पढ़ रहा है। (एकवचन, पुल्लिंग)

o   वे खेल रहे हैं। (बहुवचन, पुल्लिंग)

सहायक क्रिया के प्रकार

1. कालवाचक सहायक क्रिया

यह वाक्य में समय (काल) का बोध कराती है।
उदाहरण:

  • है, था, थे, हैं, थे, रहे हैं, गया, जाएगा।
    • वह सो रहा है
    • वे काम कर रहे थे

2. वृत्तिवाचक सहायक क्रिया

यह वाक्य में क्रिया के भाव (संभावना, इच्छा, या आज्ञा) का बोध कराती है।
उदाहरण:

  • सकता, सकती, सकते, चाहिए।
    • वह पढ़ सकता है।
    • तुम्हें यह काम करना चाहिए

3. संभावना सूचक सहायक क्रिया

यह वाक्य में निश्चितता का बोध कराती है।
उदाहरण:

  • होगा, होगी, होंगे।
    • वह स्कूल गया होगा

मुख्य क्रिया और सहायक क्रिया में अंतर

मुख्य क्रिया

सहायक क्रिया

मुख्य क्रिया वाक्य द्वारा व्यक्त कार्य या स्थिति की सूचना को व्यक्त करती है।

सहायक क्रिया वाक्य को पूर्ण और व्याकरणिक बनाती है।

उदाहरण: राम खाता है।

उदाहरण: राम खा रहा है

इसमें खानेके कार्य की सूचनाखाताद्वारा मिल रही है। जिसमें खामुख्य क्रिया है और तासहायक क्रिया प्रत्यय है। साथ ही हैसहायक क्रिया क भी प्रयोग किया गया है।

इसमें भी खानेका कार्य हो रहा है, किंतु रहा हैके प्रयोग से काल, लिंग, वचन आदि की सूचना जोड़ते हुए वाक्य को पूर्ण किया गया है।