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Thursday, February 6, 2025

विस्मयादिबोधक (Interjections)

 विस्मयादिबोधक (Interjections)

विस्मयादिबोधक वे शब्द होते हैं जो हमारे मन के अचानक उत्पन्न होने वाले भावों, आश्चर्य, खुशी, दुःख, गुस्से आदि को प्रकट करते हैं। इनका प्रयोग मुख्य रूप से बोलचाल की भाषा में अधिक होता है।

उदाहरण:

1.   आश्चर्य प्रकट करने के लिए – अरे! ओह! वाह! हाय!

o   अरे! यह कैसे हो गया?

o   वाह! क्या सुंदर नज़ारा है!

2.   दुःख या शोक प्रकट करने के लिए – हाय! ओह! उफ!

o   हाय! मैंने अपना पर्स खो दिया!

o   उफ! यह कितनी गर्मी है!

3.   गुस्से या नाराजगी के लिए – धत्! छीः!

o   धत्! तुमने फिर गलती कर दी!

o   छीः! कितना गंदा काम किया है!

4.   खुशी या हर्ष प्रकट करने के लिए – वाह! अहा!

o   वाह! तुमने कमाल कर दिया!

o   अहा! कितना स्वादिष्ट खाना है!

5.   दुखद आश्चर्य या सहानुभूति के लिए – ओह! अरे बाप रे!

o   ओह! तुम्हें इतनी चोट लग गई!

o   अरे बाप रे! यह कितना बड़ा हादसा था!

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वे शब्द जो परसर्ग (Postposition) और उसके साथ जुड़े हुए शब्दों से मिलकर बनते हैं, परसर्गीय

 

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