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Tuesday, February 22, 2022

अनुवाद : परिचय (Translation : An Introduction) (बी.ए.1 : 2022)

अनुवाद : परिचय  (Translation : An Introduction)

(1) अनुवाद : स्वरूप और परिभाषा

अनुवाद वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा हम किसी एक भाषा की सामग्री को दूसरी भाषा में रुपांतरित करते हैं। अर्थात जो बात किसी एक भाषा में कही गई रहती है उसी बात को हम किसी दूसरी भाषा में पुनःप्रस्तुत करते हैं। यहां पर ध्यान रखने वाली बात है कि अनुवाद दो पाठों के बीच में होता है। अनुवाद की आधारभूत इकाई वाक्य होती है। अतः हम कह सकते हैं कि अनुवाद में एक भाषा के वाक्यों की जगह दूसरी भाषा के वाक्यों को इस तरह से रखा जाता है कि दूसरी भाषा में उस बात को पढ़ या सुन रहा व्यक्ति भी बिल्कुल वैसे समझ जाए, जैसे प्रथम भाषा में उस बात को पढ़ या सुन रहा व्यक्ति समझता है।
जिस भाषा से अनुवाद किया जाता है उसे स्रोत भाषा (source language) और जिस भाषा में अनुवाद किया जाता है, उसे लक्ष्य भाषा (target language) कहते हैं। अतः अनुवाद की प्रक्रिया को इस प्रकार दिखा सकते हैं-
प्रथम भाषा पाठ à अनुवाद à द्वितीय भाषा पाठ
              अथवा
स्रोत भाषा पाठ à अनुवाद à लक्ष्य भाषा पाठ

(2) अनुवाद के प्रकार 

माध्यम/रूप के आधार पर (वाचिक अनुवाद, लिखित अनुवाद)

 प्रकृति के आधार पर (शब्दादानुवाद, भावानुवाद, छायानुवाद आदि)

 विषय के आधार पर (साहित्यिक अनुवाद, साहित्येतर अनुवाद आदि)

भाषा के आधार पर ( एकभाषिक अनुवाद /  द्विभाषिक अनुवाद आदि)

 आकार के आधार पर ( पूर्ण अनुवाद, आंशिक अनुवाद)

 पद्धति या प्रक्रिया के आधार पर (स्वच्छंद अनुवाद, मूलानुवर्ती अनुवाद आदि)

 उद्देश्या प्रयोजन के आधार पर ( संपादित अनुवाद, व्याख्यात्मक अनुवाद आदि)

 अनुवादक के आधार पर ( मानव  अनुवाद मशीनी अनुवाद


(3) अनुवाद के क्षेत्र
मानव समाज की विविध गतिविधियों से संबंधित जितने क्षेत्र हैं, वे सभी अनुवाद के क्षेत्र हैं। मनुष्य के सामाजिक जीवन का मूल आधार भाषा है। भाषा के कारण ही हम अपनी बात अन्य लोगों तक पहुँचा पाते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई ऐसा व्यक्ति आ जाए तो आपकी भाषा न जानकर कोई अन्य भाषा जानता है तो अनुवाद की आवश्यकता पड़ती ही है। अतः अनुवाद के क्षेत्र के अंतर्गत मानव व्यवहार के सभी क्षेत्र आ जाते हैं। साहित्य को केंद्र में रखते हुए कुछ विद्वानों द्वारा अनुवाद के क्षेत्रों के दो वर्ग किए गए हैं-
(3.1) साहित्यिक अनुवाद-
इसके अंतर्गत सभी साहित्यिक क्षेत्र आते हैं, जैसे-
कहानी
उपन्यास
कविता
निबंध
नाटक
फिल्म
                आदि।
(3.2) साहित्येतर अनुवाद
इसके अंतर्गत अन्य सभी क्षेत्र आ जाते हैं, जैसे-
विज्ञान (प्राकृतिक एवं सामाजिक)
वाणिज्य
खेल
कला
कार्यालय
तकनीकी
मीडिया
कृषि
चिकित्सा
            आदि।
4. अच्छे अनुवादक की विशेषताएँ

5. अनुवाद के चरण
विश्लेषण, अंतरण और पुनर्गठन
या
पाठपठन, विश्लेषण, प्रतिस्थापन, पुनर्निर्माण

6. अन्य

(क)      अनुवाद की समस्याएँ

(ख)     अनुवाद के सिद्धांत

(ग)       अनुवाद की विधियाँ

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