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Wednesday, September 23, 2026

हिंदी में कहना क्रिया के कर्म के साथ परसर्ग प्रयोग

 प्रो. वी.आर. जगन्नाथन जी के फेसबुक पृष्ठ पर हिंदी की 'कहना' क्रिया के साथ कर्मपद के साथ लगने वाले परसर्ग को लेकर एक प्रश्न किया गया है- 


      इस संदर्भ में मैं कहना चाहूँगा कि 'कहना' क्रिया में कर्म स्थान पर आने वाले पद की दो भूमिकाएँ हो सकती हैं- 

    कर्ता के साथ सहभागी के रूप में => मैंने तुमसे कहा कि आज मैं नहीं आऊँगा। 

    कर्म के रूप में => मैंने तुम्हें पानी लाने को कहा। 

     जब कर्म भोक्ता के रूप में होता है तो 'को' का प्रयोग किया जा सकता है। इस रूप में वह कर्ता द्वारा कही गई बात का पालन करता है, किंतु जब वह केवल श्रोता की भूमिका में होता है तो 'से' का प्रयोग होता है। वहाँ वह सहभागी मात्र होता है। ऊपर दिए गए उदाहरणों में पहले वाक्य में 'से' की जगह 'को' का प्रयोग नहीं कर सकते हैं-

*मैंने तुमको कहा कि आज मैं नहीं आऊँगा। 

लेकिन नीचे दिए गए वाक्य में 'को' का प्रयोग कर सकते हैं- 

मैंने तुमको कहा कि पानी लाओ। 



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