क्षेत्र भाषाविज्ञान
में भाषायी डेटा के संकलन में साक्षात्कार की भूमिका आधारभूत है। अतः इसकी संगठित तैयारी
आवश्यक है। इस प्रक्रिया के प्रमुख चरण निम्नलिखित हैं-
1. उपयुक्त
सूचनादाता का चयन (Selection
of Suitable Consultants)
ऐसे भाषा-भाषियों का चयन किया जाता है जो भाषा के अच्छे जानकार हों और स्पष्ट
रूप से संवाद कर सकें।
2. विश्वास
एवं सौहार्द स्थापित करना (Building Rapport and Trust)
साक्षात्कार से पहले सूचनादाता के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना आवश्यक
है, ताकि वह सहजता से जानकारी प्रदान कर सके।
3. प्रश्नों
की तैयारी (Preparation
of Questions)
अनुसंधान के उद्देश्यों के अनुसार प्रश्नों की सूची तैयार की जाती है।
4. साक्षात्कार
का संचालन (Conducting
the Interview)
शोधकर्ता प्रश्न पूछता है और सूचनादाता उत्तर देता है। आवश्यक होने पर
अतिरिक्त प्रश्न भी पूछे जाते हैं।
5. डेटा का
अभिलेखन (Recording
the Data)
उत्तरों को लिखित रूप में दर्ज किया जाता है या ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग की
जाती है।
6. सत्यापन
और पुनर्पुष्टि (Verification
and Cross-checking)
प्राप्त जानकारी की शुद्धता की पुष्टि अन्य सूचनादाताओं या अतिरिक्त
साक्षात्कारों के माध्यम से की जाती है।
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