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Saturday, February 2, 2019

एम.फिल – 2018-19 प्रैक्टिकम

सोनू नरेंद्र नाखले द्वारा एम.फिल – 2018-19  में प्रैक्टिकम के अंतर्गत निर्मित डाटाबेस-
श्वासनली
Trachea

यह फेफड़ों से कंठ-पर्यंत एक लंबी नली है। इसमें फेफड़ों से निर्गत होनेवाली वायु मुख-विवर में पहुँच जाती है।        
श्रवनात्मक
ध्वनिविज्ञान
Auditory
phonetics
इस विभाग में ध्वनि-तरंगों को यंत्रों की सहयता से नापकर ध्वन्यात्मक तत्वों का विचार किया जाता है।
यह भौतिक शस्त्र का एक अंग है।
वर्णनात्मक भाषा-तत्व
Descriptive
language  element
कीसी जीवित भाषा के प्रचलित रूप के अध्ययन के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
मनोध्वनि विज्ञान
Psycho-phonetics
मनोध्वनि विज्ञान  व्यक्तिगत परिवर्तन के लिए एक अभूतपूर्व चिकित्सीय मनोविज्ञान और स्वयं सहायता का कार्य  है।
प्रबलता
Loudness
फेफड़ों से आने वाली वायु की मात्रा ध्वनि की प्रबलता को निर्धारित करती है| ध्वनि की प्रबलता कानों के लिए संवेदनशीलता की माप है| इसे मापने के लिए डेसिबल(db) मात्रक का प्रयोग किया जाया है|
अनुनाद
Resonance
यदि ध्वनि तरंग के आयाम को किसी बाह्य बल का प्रयोग कर के बढ़ा दिया जाए परन्तु ध्वनि तरंग की आवृत्ति निश्चित हो तो उस प्रक्रिया को अनुनाद कहते हैं|
अनुनाद विकार
Resonance
disorder
स्वन उत्पादन के समय वेलोफेरीन्जियल(velopharyngeal) वाल्व का सही ढंग से बंद न होना अनुनाद विकार कहा जाता है|
स्नायविक
भाषाविज्ञान
Neurolinguistics
स्नायविक भाषाविज्ञान में मानवीय भाषा विकास एवं प्रयोग के तंत्रिकावैज्ञानिक आधारों का अध्ययन किया जाता है।
विकासात्मक
मनोभाषाविज्ञान
Developemental psycho
linguistics
इसके अंतर्गत प्रथम भाषा एवं द्वितीय भाषा अधिगम से जुड़े विविध पक्षों का अध्ययन-विश्लेषण किया जाता है।  
अनुप्रयुक्त
मनोभाषाविज्ञान
Applied psycho
linguistics
वाचाघात,अपठन,व्याकरण विकास
आदि भाषिक रोगों के लक्षण, कारण एवं निवारण से संबन्धित विवेचन इस वर्ग के अंतर्गत किया जाता है। 
भाषा अर्जन
Language
acquistition
भाषा सीखने के महत्वपूर्ण
मनोवैज्ञानिक पक्ष को भाषा अर्जन कहते है। इसके दो पक्ष है एक प्रथम भाषा अर्जन और विदेशी या द्वितीय भाषा अर्जन
भाषिक रोग
Language
disorder
भाषिक रोग से तात्पर्य उन
व्याधियों से है जो व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक प्रक्रिया में उत्पन्न विकारों के कारण उसके भाषिक व्यवहार को विभिन्न रूपों में विकृत कर देती है।जैसे वाक्य निर्माण,श्रवण और बोधन आदि
वाचाघात
Aphabia
मानसिक आघात के कारण जब
व्यक्ति के बोलने में दोष आ जाए तो उसे वाचाघात कहते है।
वाग्दोष
Speech
disorder
ध्वनि उच्चारण अंगों में जन्म
से दोष होने पर या दुर्घटनावश लगी चोट के कारण या कभी-कभी कतिपय मनोवैज्ञानिक कारणों से बोलने में दोष आते है।
भाषा कौशल्य
language skills
मनुष्य अपने विचारों के आधान प्रदान के हेतु भाषा के लिखित और मौखिक दोनों रूपो का प्रयोग करता है। जैसे-सुनना,बोलना, पढ़ना लिखना आदि । 
आगम
Augment
जब किसी शब्द मे ध्वनि का नया प्रयोग होता है, तो उसे आगम कहते है।
लोप
omission
भाषा प्रवाह में तीव्रता अथवा मुखसूख के कारण शब्द के आदि, मध्य,अंत के स्वर अथवा व्यंजन का लोप हो जाता है।
विपर्ह
Metathesis
जब किसी शब्द के स्वर व्यंजन या व्यंजन स्वर या विभिन्न अक्षर एक दूसरे के  स्थान पर प्रयुक्त होते है तो उसे विपर्ह कहते है। जैसे कुछ -कछु पागल=पगला आदि।
समीकरण
Assimilation
इसमें एक ध्वनि दूसरी ध्वनि को प्रभावित कर अपना रूप देती है। जैसे- जुल्म = जुलुम ,हुक्म=हुकुम,धम्म =धर्म ,नील=लील आदि।
विषमीकरण
Dissimilation
इसमें दो एक-समान ध्वनियों में से एक ध्वनि किसी समान ध्वनि के प्रभाव से आपण अस्वरूप छोड़कर दूसरी बन जाती है। जैसे-कंकड़ =कंगन ,कक=काग,तिलक=टिकुली,पुरुष=पूरिस आदि।
मात्रा भेद
इसमें स्वर कभी ह्र्स्व से दीर्घ या कभी दीर्घ से ह्र्स्व हो जाते है। जैसे-हरिण=हिरना ,पाताल=पताल,आभीर=अहीर आदि।
समाक्षर लोप
Hyplology
जब किसी शब्द में एक ही ध्वनि या एक ही अक्षर या अक्षर समूह दो बार आए तो एक का लोप हो जाता है ,उसे समाक्षर लोप कहते है। जैसे- नाक काटा= नकटा,खरीददार=खरीदार,part time=partime आदि।
कृत्रिम तालु
palatograph
यह वास्तव में धातु से बना कृत्रिम तालु है जिसे दंत्य चिकित्सक ध्वनि के परीक्षण करने वाले व्यक्ति के तालु के आकार का बना देते है।
मुख मापक
head measure-ment
इसकी सहायता से ध्वनि  के उच्चारण के समय जीभ की ऊँचाई-नीचाई या पीछे हटना ठीक-ठीक से मापा जाता है।
सादृश्य
similarity
जब कुछ शब्द दूसरे शब्द के सादृश्य पर अपनी ध्वनियाँ बदल देते है। जैसे-पैंतीस-सैंतीस।
डाटा आधारित शुद्धता
database correctness
इसके अंतर्गत भाषा वैज्ञानिक गलतियाँ एवं उनके अनुसार अशुद्धता को सही करने का करी करते है। जैसे-लेखन अशुद्धता,तकनीकी अशुद्धता,अन्य अशुद्धता आदि।
संरचना द्वैत/व्दिपक्षयता
Duality/structure
इनका निर्माण एक ओर कुछ निश्चित स्वनों/ध्वनियों से होता है वहाँ दूसरी ओर ये इकाइयां विशिष्ट अर्थ को प्रकट करती है।जैसे-कमल और कलम
अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान
Applied linguistics
अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान का मुख्य लक्ष भाषावैज्ञानिक सिद्धांतों एवं प्रणाली के अनुप्रयोग व्दारा उन भाषायी समस्याओं का पता लगाना और उनका समाधान ढूँढना होता है।
मूल भाषा
Proto speech
यह भाषा का वह प्राथमिक स्वरूप है जो स्वयं को किसी से प्रसूत नहीं होता अपितु वह दूसरों को ही प्रसूत करता है। जैसे-भारोपीय परिवार की अनेक भाषाओं को जन्म देने वाली भारोपीय भाषा एसका उदाहरण है।
बोधगम्यता
palpability/comprehensibility
यह वह तत्व है जो हमें भाषा की विभिन्न बोलियों को एक समूह में प्रस्तुत करने या उन्हें अलग रखने में सहयता देता है।
अर्धसंकर भाषा
Pidgin
यहाँ भाषा प्रमुख रहती है एवं अन्य भाषा के शब्द उसमें मिलते हैं,उनकें व्याकरणिक रूपों के अनुरूप ढलते भी हैं और नये व्याकरणिक स्वरूपों की निर्मिति भी करते हैं।
संकर भाषा
Creole
दो भिन्न भाषा समुदायों के व्यक्ति किसी कारणवश एक भाषा समुदाय के मध्य किन्हीं निश्चित सीमाओं में बंधकार मिश्रित भाषा का प्रयोग कराते हैं, तो वह भाषा संकर कहलाती है।
भाषा नव प्रवर्तन
Dialect Innovation
प्राचीन रूपों के साथ जब कोई नयी प्रवृत्ति आ जाती है,जिसके फलस्वरूप पुराने रूपों के साथ नवीन रूप भी प्रचलित हो जाते हैं।
विजेता बोली
Colonial dialect
इस बोली का प्रसार साम्राज्य-विस्तार के साथ होता है।
द्विभाषिता
Bilingualism
जब कोई व्यक्ति विदेशी या देशी भाषा सीखा लेने पर भी मातृभाषा के ज्ञान को नहीं छोड़ता।
शैली-विज्ञान
शैली-विज्ञान का संबंध विशेषत: साहित्य में भाषा के प्रयोग से है।
अभिश्रुति
Umlaut
शब्द के किसी आंतरिक स्वर में बाद के अक्षर में आने वाले किसी अन्य स्वर के कारण परिवर्तन।जैसे- भरव्दाज=भारव्दाज,वसुदेव=वासुदेव ,किताब=कुतुबा।
संकेतांतरण
Convergence
यहाँ एक भाषा के संकेतों को दूसरी भाषा के संकेतों में रूपांतरित किया जाता है।जैसे- 'Ram killed Mahesh' का हिन्दी रूप होगा 'राम ने महेश को मार डाला।'
भाषा पर आधारित प्रागैतिहासिक प्रयोग
Linguistics Palaentology
इस शाखा के माध्यम से प्राचीन काल के अज्ञान इतिहास,संस्कृति एवं सभ्यता का स्वरूप पुननिर्मित किया जा सकता है।
गुप्त भाषा
Secret Language/Code language
गुप्त भाषा किसी विशेष वर्ग की होती है। इसका उद्देश्य होता है आपसी विचार-विनिमय को सामान्य लोगों से छिपाए रखना।
 आकृतिमूलक
वर्गिकरण
Typological classification
इस वर्गिकरण का आधार यह है कि भाषाओं में रूपों की रचना कैसे होती है।
अर्थतत्व
Content element 
जो केवल अर्थ को व्यक्त करता है,जैसे-घोड़ा,मोहन,नदी,काव्य।
सम्बन्धतत्व
function element 
यह केवल व्याकरणिक कार्य करते हैं। इनका कम होता है वाक्य में प्रयुक्त अर्थतत्वों का आपस में सम्बन्ध दिखाना।जैसे-ने,को,से,  आदि।
पारिवारिक
वर्गिकरण
Geneological classification
कोश
Dictionary/lexicon
वह ग्रंथ जिसमे अर्थ एवं पर्यायसहित शब्द एकत्र किए गए हो|‘निघंटुवैदिक भाषा के सबसे पहले कोश माने जाते है
एक-भाषी शब्दकोश
Monolingual Dictionary
इस भाषा मे संग्रहीत शब्द और उनके अर्थ एक भाषा मे ही दिये जाते हैं|जैसे-हिन्दी शब्द सागर,Oxford English Dictionary (1884),James Redding Ware’s Passing English of the Victorian Era (1909), The RAE’s(spanish )
द्विभाषी शब्दकोश
Bilingual dictionary
इनमें एक भाषा के शब्दों के अर्थ ,उच्चारण तथा प्रयोग संदर्भ दूसरी भाषा में दिए जाते हैं यथा अंग्रेजीं-हिन्दी,जर्मन-अंग्रेजी आदि।
बहुभाषी शब्दकोश
Multilingual dictionary
ये कोश प्राय: किसी एक ही भाषा परिवार की विभिन्न भाषाओं को लेकर बनाए जाते हैं|भाषाओं के तुलनात्मक ऐतिहासिक अध्ययन में इनकी विशेष उपयोगिता होती है|
ऐतिहासिक शब्दकोश
Historical dictionary
इन कोशों में एक कल से दूसरे कल तक के शब्दों के स्वरूप और अर्थों के विकास का क्रमबद्ध अध्ययन किया जाता है।
व्युत्पात्यात्मक शब्दकोश
Etymological dictionary
इन कोशों में शब्दों के प्रारंभिक या मूल रूप का स्वरूप और उसके क्रमागत विकास को दिखाया जाता है|उदा. हिन्दी के आमकी व्यत्पत्ति को संस्कृति आम्र से दिखाया जाता है|
बोलीकोश
Dialect Dictionary
इन कोशों में किसी भी भाषा की बोलियों में प्राप्त होनेवाले शब्दों का समावेश होता हैं।
तकनीकी कोश
Technical dictionary
इसमें विशेष विषयों के लिए प्रयुक्त शब्दों को दिया जाता है।जैसे-भौतिकी,जैविकी,विधि,प्रशासन आदि।
विश्वकोश/ज्ञानकोश
Encyclopedia
ज्ञानकोश एक ऐसा भंडार है ,जिसमें ज्ञान लगभग सभी क्षेत्रों का समावेश करते हुये विविध विषयों पर संक्षिप्त रूप से पठनीय सामाग्री दी जाती है |
सामान्य ज्ञानकोश
General encyclopedia
इसमे विषयों का चयन सभी शब्दकोशों से करते है और पठनीय सामाग्री का स्तर पाठक कि दृष्टि से उच्चतन से लेकर साधारण तक होता है|जैसे-इनसाइक्लोपीडिया ब्रिटेनिका,नगेन्द्रनाथ बसु काहिन्दी शब्दकोश' आदि
विशेष ज्ञानकोश
Special encyclopedia
इन कोशो मे विषय प्रतिपादन का क्षेत्र सीमित कर दिया गया हैं। जैसे-संगीत कोश ,विज्ञान कोश ,मनोविज्ञान कोश ,जीवविज्ञान कोश ,खनिजविज्ञान कोश आदि |
रिक्त शब्द
Empty/Zero words
इनका स्वतंत्र रूप से प्रयोग नहीं होता अर्थात ये अपने आप में अर्थवान नहीं होते।जैसे-आस-पास,आमने-सामने,अड़ोस-पड़ोस आदि।
व्याकरणिक शब्द
Grammatical terms/words
इनका कार्य शब्दों के अंतसंबंध का द्योतन करना होता है।जैसे- रहना-
मैं इस घर में रहता हूँ।
अर्थगत  अभिलक्षण
Semantic character
वे समास जिनका  अर्थ उसके पदों के अर्थों का योग होता है।जैसे-पाकिटमार, गिरहटक
कुटभाषा
Argot dictionary
इसमें भाषा के शब्दों का या अर्थों का प्रयोग गुप्त अर्थ से किया जाता है जिसको केवल कुछ लोग ही समझ सकते हैं।अपराध जगत में ऐसे शब्दों का प्रयोग पाया जाता है।


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