मशीनी अधिगम (Machine Learning-ML)
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है मशीन द्वारा कुछ
नियमों अथवा एल्गोरिद्मों के माध्यम से स्वयं से सीखने की प्रक्रिया मशीनी अधिगम (ML)
है। इसके लिए कुछ विशेष प्रकार की तकनीकों अथवा मॉडलों का प्रयोग
किया जाता है, जिन्हें मशीनी अधिगम एल्गोरिद्म (ML
Algorithm) कहते हैं।
मशीनी अधिगम के प्रकार (Types of ML)
मशीनी अधिगम के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं-
§
निर्देशित अधिगम (Supervised
learning
§
अनिर्देशित अधिगम (Unsupervised
learning
§
अर्ध-निर्देशित अधिगम (Semi-supervised
learning
§ पुनरसंबलन अधिगम (Reinforcement learning
https://www.javatpoint.com/types-of-machine-learning
(28-11-2022) पर अनुप्रयोग के कुछ सैंपल प्रकार बताते हुए इसे
चित्र रूप में इस प्रकार से प्रदर्शित किया गया है-
मशीनी
अधिगम में कंप्यूटर को प्रत्येक परिस्थिति के लिए अलग-अलग नियम लिखकर देने के बजाय
आँकड़ों से प्रतिरूप सीखने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यह वर्गीकरण, पूर्वानुमान, अनुशंसा और जोखिम विश्लेषण जैसे
कार्यों में उपयोगी है। उदाहरण के लिए, ईमेल में स्पैम की पहचान, ऑनलाइन खरीदारी में उत्पादों की अनुशंसा
और परीक्षा परिणामों का विश्लेषण मशीन लर्निंग के अनुप्रयोग हैं।
पारंपरिक
प्रोग्रामिंग में किसी कार्य को करने के लिए प्रोग्रामर स्पष्ट नियम और निर्देश लिखता
है। इसके विपरीत, मशीन लर्निंग में किसी समस्या के अनेक उदाहरणों से मॉडल को प्रशिक्षित किया
जाता है, ताकि वह उन उदाहरणों में मौजूद संबंधों को सीख सके और
नए उदाहरणों पर अपना प्रदर्शन कर सके।
उदाहरण
के लिए, यदि कंप्यूटर
को हजारों स्पैम और सामान्य ईमेल के उदाहरण दिए जाएँ, तो मशीन
लर्निंग मॉडल इन ईमेल की विशेषताओं से सीखकर नए ईमेल के स्पैम होने की संभावना का अनुमान
लगा सकता है। इसी प्रकार, विद्यार्थियों के पिछले परीक्षा परिणामों
के आधार पर उनके संभावित प्रदर्शन का अनुमान लगाना, हिंदी पाठों
का वर्गीकरण करना और वाणी को लिखित पाठ में बदलना मशीन लर्निंग के अनुप्रयोग हैं।
मशीन लर्निंग
में सामान्यतः मॉडल, प्रशिक्षण डेटा, सीखने की विधि और मूल्यांकन प्रक्रिया
का समन्वय होता है। मॉडल की गुणवत्ता केवल डेटा की मात्रा पर निर्भर नहीं करती,
बल्कि डेटा की गुणवत्ता, उसकी विविधता,
समस्या की प्रकृति और मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर भी निर्भर करती है।
2. मशीन लर्निंग की प्रमुख विशेषताएँ
1.
डेटा से सीखना: उदाहरणों और आँकड़ों में मौजूद प्रतिरूपों को सीखना।
2.
प्रतिरूप पहचान: डेटा में नियमितताओं, समानताओं और संबंधों की पहचान करना।
3.
पूर्वानुमान: नए डेटा के आधार पर संभावित परिणामों का अनुमान लगाना।
4.
वर्गीकरण: डेटा को निर्धारित श्रेणियों में बाँटना, जैसे ईमेल को स्पैम या सामान्य
ईमेल में वर्गीकृत करना।
5.
समूहकरण: समान विशेषताओं वाले डेटा बिंदुओं के समूह बनाना।
6.
सामान्यीकरण
(Generalization): प्रशिक्षण में न देखे गए नए डेटा पर भी उपयोगी परिणाम
देना।
7.
प्रदर्शन मूल्यांकन: परीक्षण के आधार पर मॉडल की सटीकता और सीमाओं का आकलन करना।
8.
अनुकूलन: कुछ प्रणालियों में नए डेटा या प्रतिपुष्टि के आधार पर मॉडल को पुनः
प्रशिक्षित करके सुधार करना।
ध्यान देने
योग्य बात यह है कि प्रत्येक मशीन लर्निंग मॉडल अपने-आप लगातार सीखता नहीं रहता। कई
मॉडल प्रशिक्षण पूरा होने के बाद स्थिर रहते हैं और उनमें सुधार करने के लिए पुनः प्रशिक्षण
या स्पष्ट अद्यतन प्रक्रिया की आवश्यकता होती है।
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