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Thursday, February 12, 2026

अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान के क्षेत्र

 

अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान के क्षेत्र

5.1 मनोभाषाविज्ञान (Psycholinguistics)

मनोभाषाविज्ञान भाषा-अधिगम, भाषा-उत्पादन और भाषा-बोध की मानसिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है। यह जानने का प्रयास करता है कि मानव मस्तिष्क भाषा को कैसे ग्रहण करता है और कैसे संसाधित करता है।

5.2 समाजभाषाविज्ञान (Sociolinguistics)

समाजभाषाविज्ञान भाषा और समाज के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन करता है। इसमें भाषा और वर्ग, जाति, लिंग, क्षेत्र, सत्ता और पहचान जैसे सामाजिक कारकों का विश्लेषण किया जाता है।

5.3 नृभाषाविज्ञान (Anthropological Linguistics)

मानवशास्त्रीय भाषाविज्ञान भाषा और संस्कृति के संबंध का अध्ययन करता है। यह दर्शाता है कि भाषा किसी समाज की संस्कृति, परंपरा और विश्व-दृष्टि को प्रतिबिंबित करती है। इनके गहन संबंधों की ओर संकेत करते हुए एडवर्ड सैपिर कहते हैं- भाषा संस्कृति से पृथक अस्तित्व नहीं रखती।

5.4 तंत्रिका भाषाविज्ञान (Neurolinguistics)

तंत्रिकाभाषाविज्ञान भाषा और मस्तिष्क के संबंधों का अध्ययन करता है। इसमें यह देखा जाता है कि मस्तिष्क के कौन-से भाग भाषा के लिए उत्तरदायी होते हैं तथा भाषा-विकार कैसे उत्पन्न होते हैं।

5.5 कंप्यूटेशनल भाषाविज्ञान (Computational Linguistics)

आधुनिक युग में भाषाविज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण अंतरानुशासनिक क्षेत्र कंप्यूटेशनल (संगणकीय) भाषाविज्ञान है। इसमें भाषा को मशीन द्वारा संसाधित करने की तकनीकों का विकास किया जाता है।

इसके अंतर्गत मशीन अनुवाद, वाक् अभिज्ञान (Speech Recognition), पाठ विश्लेषण, चैटबॉट्स और भाषा मॉडल आदि संबंधी कार्य आते हैं।

यह क्षेत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और NLP से गहराई से जुड़ा हुआ है।

इसी प्रकार अनेक अन्य क्षेत्र भी देखे जा सकते हैं। संक्षेप में कहा जा सकता है कि भाषाविज्ञान केवल भाषा का अध्ययन करके अपने कर्तव्य को पूर्णता प्रदान नहीं कर पाता बल्कि अपने अंतरानुशासनिक स्वरूप में ही संपूर्णता को प्राप्त करता है, जहाँ यह मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, तंत्रिका-विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान के साथ मिलकर मानव भाषा की जटिल प्रकृति को समझने का प्रयास करता है। इन दोनों के बीच अंतर को संक्षेप में निम्नलिखित प्रकार से अभिव्यक्त कर सकते हैं-

पहलू

भाषाविज्ञान

अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान

परिभाषा

भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन

भाषा का अध्ययन अन्य विषयों के साथ मिलकर

केंद्रबिंदु

भाषा की आंतरिक संरचना और नियम

भाषा और समाज, मस्तिष्क, संस्कृति, तकनीक आदि

दृष्टिकोण

अंतर्निहित (internal)

व्यापक (holistic)

उदाहरण

ध्वनिविज्ञान, वाक्यविन्यास

समाजभाषाविज्ञान, मनोभाषाविज्ञान, गणनात्मक भाषाविज्ञान

 

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