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Thursday, February 12, 2026

भाषाविज्ञान और अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान में अंतर

 

भाषाविज्ञान केवल भाषा का अध्ययन करके अपने कर्तव्य को पूर्णता प्रदान नहीं कर पाता बल्कि अपने अंतरानुशासनिक स्वरूप में ही संपूर्णता को प्राप्त करता है, जहाँ यह मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, मानवशास्त्र, तंत्रिका-विज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान के साथ मिलकर मानव भाषा की जटिल प्रकृति को समझने का प्रयास करता है। इन दोनों के बीच अंतर को संक्षेप में निम्नलिखित प्रकार से अभिव्यक्त कर सकते हैं-

पहलू

भाषाविज्ञान

अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान

परिभाषा

भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन

भाषा का अध्ययन अन्य विषयों के साथ मिलकर

केंद्रबिंदु

भाषा की आंतरिक संरचना और नियम

भाषा और समाज, मस्तिष्क, संस्कृति, तकनीक आदि

दृष्टिकोण

अंतर्निहित (internal)

व्यापक (holistic)

उदाहरण

ध्वनिविज्ञान, वाक्यविन्यास

समाजभाषाविज्ञान, मनोभाषाविज्ञान, गणनात्मक भाषाविज्ञान

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