अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान (Interdisciplinary Linguistics) का अर्थ है–
भाषा और संबद्ध क्षेत्रों के बारे में ‘भाषाविज्ञान’ और ‘अन्य विषयों’ के साथ मिलकर अध्ययन करना। इसमें भाषा केवल एक स्वायत्त तंत्र (Independent
System) के रूप में नहीं देखी जाती, बल्कि यह समझने का प्रयास किया जाता है कि भाषा मानव मस्तिष्क, समाज और जीवन के विभिन्न पहलुओं से किस प्रकार संबंधित है और
ये एक-दूसरे को किस प्रकार से प्रभावित करते हैं।
सरल शब्दों में- जब भाषाविज्ञान को
मनोविज्ञान,
समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र, नृविज्ञान,
कंप्यूटर विज्ञान, तंत्रिका-विज्ञान, शिक्षा आदि अन्य संबंधित विषयों के साथ जोड़कर अध्ययन किया जाता है, तो इस प्रकार विकसित भाषाविज्ञान के क्षेत्र को ‘अंतरानुशासनिक भाषाविज्ञान’ कहते हैं।
इसमें भाषा को केवल व्याकरण और संरचना तक सीमित न मानकर, मानव जीवन और ज्ञान-विज्ञान के अन्य क्षेत्रों से जोड़कर व्यापक दृष्टिकोण से
समझने का प्रयास किया जाता है।
उदाहरण –
§ मनोभाषाविज्ञान (Psycholinguistics):
भाषा और मानव मस्तिष्क का संबंध।
§ समाजभाषाविज्ञान (Sociolinguistics):
भाषा और समाज का संबंध।
§ नृभाषाविज्ञान (Anthropological
linguistics): भाषा और संस्कृति/नृविज्ञान का अध्ययन।
§ तंत्रिका-भाषाविज्ञान (Neurolinguistics): भाषा और मस्तिष्कीय प्रक्रियाओं का अध्ययन।
§ संगणनात्मक भाषाविज्ञान (Computational linguistics): भाषा और कंप्यूटर/कृत्रिम बुद्धि का संबंध।
आदि।
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