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Thursday, January 1, 2026

Indianization of Scientific terms : Prof. Raghuveer







 

English Sanskrit Dictionary: Prof. Raghuveer








 

Monday, December 29, 2025

Saturday, December 27, 2025

स्वर ध्वनियों का वर्गीकरण (Classification of Vowel Sounds)

 

हिंदी में स्वर ध्वनियों का वर्गीकरण मुख्य रूप से तीन आधारों पर किया गया है-

1.    जिह्वा की ऊँचाई (Tongue's Height)

2.    जिह्वा की स्थिति (Tongue's Position)

3.    होठों की आकृति (Lip's Rounding)

1.    जिह्वा की ऊँचाई (Tongue's Height) -  जिह्वा की ऊँचाई के आधार पर स्वरों को चार वर्गों में विभक्त किया गया है- संवृतअर्ध संवृतअर्ध विवृत और विवृत।

§  संवृत (Close) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा सबसे अधिक ऊपर उठती हैऔर मुख में सबसे कम स्थान खुला रहता हैसंवृत स्वर कहलाते हैं। ईउ संवृत स्वर हैं।

§  अर्धसंवृत (Semi-close) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा थोड़ा कम ऊपर उठती है और मुखविवर संवृत से थोड़ा कम खुला होता है, अर्ध संवृत स्वर कहलाते हैं। ए और ओ अर्ध संवृत स्वर हैं।

§  अर्धविवृत (Semi-open) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा अर्धसंवृत से कम ऊपर उठती है और मुखविवर में वायु मार्ग खुला रहता है, अर्ध विवृत स्वर कहलाते हैं। अऐ और औ अर्धविवृत स्वर हैं।

§  विवृत (Open) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा मध्य में स्थित होती है और मुखविवर पूरा खुला रहता है , ऐसे उच्चरित स्वर को विवृत कहते हैं। ‘’ विवृत स्वर है।

2.  जिह्वा की स्थिति (Tongue's Position) - किसी स्वर के उच्चारण में जिह्वा की स्थिति के आधार पर स्वरों के तीन भेद किए जाते हैं -

§  अग्रस्वर (Front Vowels) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा का अग्रभाग सक्रिय होता हैअग्रस्वर कहलाते हैं। हिंदी में इअग्रस्वर हैं।

§  मध्य स्वर (Central Vowels) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा का मध्य भाग सक्रिय होता हैमध्य स्वर कहलाते हैं। हिंदी में ‘’ मध्य स्वर है।

§  पश्चस्वर (Back Vowels) - जिन स्वरों के उच्चारण में जिह्वा का पश्च भाग सक्रिय होता हैपश्च स्वर कहलाते हैं। हिंदी में ऊ,,,एवं आ पश्च स्वर हैं।

3. होंठो की आकृति (Lip's Rounding) - किसी स्वर के उच्चारण में होठों की आकृति के आधार पर स्वरों को दो वर्गों में रख सकते हैं - 1. गोलीय 2. अगोलीय

§  गोलीय (Rounded) – इन स्वरों के उच्चारण में होंठ की स्थिति गोलाकार होती है,ऑ (अंग्रेजी से आगत) गोलीय स्वर हैं।

§  अगोलीय (Unrounded) – इन स्वरों के उच्चारण में होंठ की स्थिति गोलाकार नहीं होती। अए और ऐ अगोलीय स्वर हैं।

हिंदी के दस स्वरों का स्वानिक रूप चार्ट के माध्यम से इस प्रकार दिखाया जा सकता है -



(स्रोत : हिंदी की ध्वनि संरचना, डॉ. अनिल कुमार पाण्डेय)