मानविकी : परिचय
मानविकी (Humanities) वह शैक्षणिक क्षेत्र है जिसमें मानव जीवन, समाज, संस्कृति, भाषा, साहित्य, कला, इतिहास, दर्शन और विचार-परंपराओं का अध्ययन किया जाता है। इसका उद्देश्य मानव
अनुभवों की समझ, व्याख्या और मूल्यांकन करना है।
मानविकी मनुष्य को सहानुभूति, करुणा और नैतिक चेतना से जोड़ती है। यह
विषय तर्कशक्ति, विवेचन और विश्लेषण क्षमता को विकसित करता
है। साथ ही विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और भाषाओं के
प्रति सम्मान और सहिष्णुता उत्पन्न करता है। इससे समाज की समस्याओं—असमानता,
भेदभाव, शोषण—के प्रति हमारी जागरूकता बढ़ती
है। मानविकी के अंतर्गत आने वाले भाषा, साहित्य और दर्शन जैसे
विषयों के माध्यम से अभिव्यक्ति कौशल सुदृढ़ होता है। शिक्षा एवं प्रशासन से संबद्ध
विषयों की नीति-निर्माण, शिक्षा, पत्रकारिता,
अनुवाद, प्रशासन और शोध में मानविकी की
महत्वपूर्ण भूमिका देखी जा सकती है। आज AI और तकनीक के युग
में नैतिकता, मानव-केंद्रित दृष्टि और सामाजिक चेतना के विकास
में मानविकी की भूमिका और अधिक बढ़ गई है।
मानविकी की प्रमुख पारिभाषिक शब्दावली
(क) संस्कृति (Culture)
समाज द्वारा विकसित रीति-रिवाज, परंपराएँ, मूल्य,
विश्वास, कला और जीवन-शैली को संस्कृति कहा
जाता है।
(ख) सभ्यता (Civilization)
किसी समाज की भौतिक, सामाजिक और बौद्धिक प्रगति का समग्र रूप सभ्यता कहलाता है।
(ग) मानव मूल्य (Human Values)
वे नैतिक सिद्धांत जो मानव आचरण को दिशा देते
हैं—जैसे सत्य, अहिंसा,
करुणा, न्याय, समानता।
(घ) दर्शन (Philosophy)
जीवन, ज्ञान, सत्य, नैतिकता
और अस्तित्व से संबंधित मूलभूत प्रश्नों का तार्किक अध्ययन।
(ङ) इतिहास (History)
मानव समाज की भूतकालीन घटनाओं, प्रक्रियाओं और परिवर्तनों का
वैज्ञानिक अध्ययन।
(च) साहित्य (Literature)
मानव अनुभवों की कलात्मक अभिव्यक्ति—कविता, कथा, नाटक,
निबंध आदि के माध्यम से।
(छ) भाषा (Language)
विचारों और भावनाओं की संचार प्रणाली, जो संस्कृति की वाहक होती है।
(ज) समाज (Society)
मानवों का संगठित समूह, जो नियमों, संस्थाओं और संबंधों के
माध्यम से संचालित होता है।
(झ) पहचान (Identity)
व्यक्ति या समूह की सांस्कृतिक, भाषिक, सामाजिक
और ऐतिहासिक विशेषताएँ।
कुछ अन्य प्रमुख शब्दावली
1. मानविकी (Humanities)
मानविकी वह अध्ययन-क्षेत्र है जिसमें मानव जीवन, संस्कृति, भाषा, कला, दर्शन, इतिहास और
साहित्य का विवेचन किया जाता है।
2. कला (Art)
कला मानव की सृजनात्मक अभिव्यक्ति है, जिसमें
सौंदर्यबोध और कल्पना का समावेश होता है।
3. सौंदर्यशास्त्र (Aesthetics)
सौंदर्यशास्त्र कला, सौंदर्य और रसात्मक अनुभव के सिद्धांतों का अध्ययन
है।
4. मूल्य (Values)
मूल्य वे आदर्श हैं जो मानव व्यवहार और सामाजिक
निर्णयों को दिशा प्रदान करते हैं।
5. नैतिकता (Ethics)
नैतिकता सही-गलत, कर्तव्य और आचरण से संबंधित मानदंडों का अध्ययन है।
6. परंपरा (Tradition)
परंपरा वह सांस्कृतिक विरासत है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी
हस्तांतरित होती रहती है।
7. पहचान (Identity)
पहचान व्यक्ति या समूह की सामाजिक, सांस्कृतिक और
भाषिक विशेषताओं को दर्शाती है।
8. विचारधारा (Ideology)
विचारधारा विचारों और विश्वासों की संगठित प्रणाली है
जो सामाजिक-राजनीतिक दृष्टिकोण को आकार देती है।
9. आलोचना (Criticism)
आलोचना साहित्य, कला या विचारों का विश्लेषणात्मक और मूल्यांकनात्मक
अध्ययन है।
10. व्याख्या (Interpretation)
व्याख्या किसी पाठ, घटना या कला-कृति के अर्थ को समझाने की प्रक्रिया है।
11. विमर्श (Discourse)
विमर्श भाषा के माध्यम से निर्मित सामाजिक अर्थों और
सत्ता-संबंधों का अध्ययन है।
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