फॉरेंसिक विश्लेषण में भाषा के
विभिन्न स्तरों का प्रयोग किया जाता है-
§ ध्वन्यात्मक स्तर: आवाज़ की पहचान, रिकॉर्डिंग का
विश्लेषण
§ रूपात्मक स्तर: शब्द-रचना और शब्द-प्रयोग
§ वाक्यात्मक स्तर: वाक्य संरचना और क्रम
§ अर्थात्मक स्तर: शब्दों और वाक्यों का अर्थ
§ प्राग्मैटिक स्तर: संदर्भ, आशय और निहितार्थ
इन स्तरों के समेकित विश्लेषण से
भाषा से जुड़े कानूनी प्रश्नों का समाधान किया जाता है।
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