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Wednesday, January 7, 2026

चिकित्सा भाषाविज्ञान और संज्ञानात्मक भाषाविज्ञान (Clinical Linguistics and Cognitive Linguistics)

 


संज्ञानात्मक भाषाविज्ञान भाषा को मानव संज्ञान से जुड़ा मानता है। इस दृष्टिकोण से भाषा-विकारों को ‘स्मृति, ध्यान, संकल्पना निर्माण’ आदि अनेक मानसिक प्रक्रियाओं तथा इनसे संबंधित समस्याओं के रूप में समझा जाता है। यह दृष्टिकोण डिमेंशिया, अल्ज़ाइमर और अन्य न्यूरोडीजेनेरेटिव विकारों के अध्ययन में अत्यंत उपयोगी है।

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