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Wednesday, January 7, 2026

फॉरेंसिक भाषाविज्ञान : भारतीय परिप्रेक्ष्य (Forensic Linguistics : Indian Context)

 


भारत जैसे बहुभाषिक देश में फॉरेंसिक भाषाविज्ञान का महत्व और भी बढ़ जाता है। यहाँ ‘अनुवाद और दुभाषिया की समस्याएँ, पुलिस और न्यायालय की भाषा तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों का प्रयोग’ आदि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं। भारतीय संदर्भ में फॉरेंसिक भाषाविज्ञान निष्पक्ष और समावेशी न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

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