Broca's Area (ब्रोका क्षेत्र): पॉल ब्रॉका (1861) ने बाएँ अग्र-मस्तिष्क खंड के एक क्षेत्र की पहचान की, जो वाक्-उत्पादन से संबंधित है। इस क्षेत्र की क्षति से
रोगियों की भाषा अल्प-प्रवाही और श्रमसाध्य हो जाती है। इस क्षेत्र को उनके नाम पर
‘ब्रोका क्षेत्र’ (Broca’s Area) कहा जाता
है। यह मुख्य रूप से भाषा के उत्पादन (production), यानी
बोलने की क्षमता के लिए जिम्मेदार है। यह मस्तिष्क के फ्रंटल लोब (frontal
lobe) के बाएं हिस्से में स्थित होता है (अधिकांश लोगों में)। इस
क्षेत्र को नुकसान होने से व्यक्ति को बोलने में कठिनाई होती है, हालांकि वह भाषा को समझ सकता है (जिसे ब्रोका अफेज़िया या एक्सप्रेसिव
अफेज़िया कहा जाता है)।
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