मशीनों में परिस्थिति के आधार पर निर्णय
लेकर कार्य करने की क्षमता का होना कृत्रिम बुद्धि है। मशीनों में प्रयुक्त बुद्धि
को कृत्रिम बुद्धि इसलिए कहते हैं कि उनके अंदर आई हुई बुद्धि स्वाभाविक रूप से
विकसित बुद्धि नहीं होती, बल्कि प्रोग्रामर या विकासकर्ता द्वारा विभिन्न प्रकार के एल्गोरिद्मों के
माध्यम से डाली गई बुद्धि होती है।
एक ज्ञानक्षेत्र के रूप में कृत्रिम
बुद्धि के अंतर्गत बुद्धिमान मशीनों के निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया आ जाती है।
मशीन चाहे किसी भी प्रकार से किसी परिस्थिति के आधार पर निर्णय लेने में या कार्य
करने में स्वयं से सक्षम हो जाए,
तो उसे उस कार्य के लिए बुद्धिमान मशीन माना जाएगा। यह बात किसी भी
प्रकार की मशीन पर लागू होती है। उदाहरण के लिए कुछ बुद्धिमान मशीनों को इस प्रकार
समझ सकते हैं-
(1) वर्तमान
में कुछ ऐसे ‘बुद्धिमान कीबोर्ड’ का
विकास किया गया है, जो टाइपिंग के समय टाइप करने वाले की
पहचान कर लेगा।
(2) स्वचलित
ड्रोन, स्वयं से शत्रु के स्थान या उसकी संपत्ति की भौगिलिक
स्थिति का पता लगाकर उसे नष्ट कर देते हैं।
(3) आज
स्वचलित कारों पर बहुत तेजी से काम किया जा रहा है, और इसमें
पर्याप्त सफलता भी मिली है।
(4) कृत्रिम
बुद्धि का सामान्य व्यक्ति के लिए सबसे अधिक प्रयोग विभिन्न प्रकार के खेलों के
क्षेत्र में हुआ है। शतरंज के लिए विकसित सॉफ्टवेयर ने तो विश्व चैंपियन तक को हरा
दिया है।
(5) रोबोटिक्स कृत्रिम बुद्धि का
सबसे विस्तृत अनुप्रयोग क्षेत्र है। इसके अंतर्गत अनेक चैटबॉट्स, ऑटोबॉट्क्स और रोबोट्स का विकास किया जा रहा है, जो
अलग-अलग प्रकार के कार्यों को स्वयं की निर्णयशक्ति के आधार पर करने में सक्षम
होते हैं।
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सोफ़िया सऊदी अरबकी नागरिक है...
nice posting sir
ReplyDeleteSEO kya hota hai
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